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पुरातात्विक स्थल भदरिया के विकास का काम फिर होगा शुरू

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पुरातात्विक स्थल भदरिया के विकास का काम फिर होगा शुरू

अमरपुर. प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत भदरिया में करीब पांच वर्ष पूर्व मिले पुरातात्विक स्थल के विकास का काम फिर से शुरू होगा. अमरपुर के विधायक सह पूर्व मंत्री जयंत राज ने मंगलवार को सदन में कला संस्कृति मंत्री से प्रश्न पूछा. मंत्री ने जवाब दिया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्राक्कलन तैयार कर उक्त स्थल पर कार्य शुरू किया जायेगा. मालूम हो कि वर्ष 2020 में छठ पर्व के मौके पर घाट बनाने के दौरान ग्रामीणों को चांदन नदी के किनारे ईंट की दीवार मिली थी एवं स्थानीय विधायक जयंत राज के प्रयास से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दो बार भदरिया का दौरा किया. पुरातत्व विभाग के आग्रह पर बिहार सरकार ने नदी की धारा मोड़ने के लिए बांध का निर्माण कराया. इसके आइआइटी कानपुर की टीम ने इस स्थल का सर्वे किया था. टीम का दावा था कि यहां जमीन के नीचे पौराणिक सभ्यता के अवशेष हो सकते हैं. इस सर्वे के बाद सरकार ने बिहार विरासत विकास समिति को इसकी खुदाई का जिम्मा दिया. खुदाई में पुरानी सभ्यता की काफी चीजें मिली. इस सभ्यता को को इतिहासकार बुद्ध काल से जोड़ कर देखते हैं, जबकि पुरातत्वविदों ने इसे कुषाण काल तथा उससे भी पुरानी सभ्यता बताया. झारखंड के मान्यता प्राप्त पुरातत्ववेत्ता पंडित अनूप कुमार वाजपेयी तो इसे कुषाण काल से भी पुरानी सभ्यता मानते हैं. जबकि इतिहासकार उद्देश्य रवि ने कहा था कि गुजरात, राजस्थान एवं हरियाणा के बाद भदरिया में मिली सभ्यता चौथी पौराणिक सभ्यता है. स्थानीय विधायक द्वारा इसके विकास के लिए किये जा रहे प्रयास से क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गयी है.

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