बेलहर. प्रखंड क्षेत्र में बदलते मौसम का प्रभाव लोगों के जनजीवन पर पड़ना प्रारंभ हो गया है. इस भीषण गर्मी में लोगों की सबसे बड़ी आवश्यकता पेयजल की होती है. ऐसे में प्रखंड क्षेत्र की कई नल-जल योजनाएं फेल होती दिख रही हैं. इसी क्रम में श्रीनगर पंचायत अंतर्गत वार्ड संख्या 11, महादलित टोला सरसड्डा में नल-जल योजना पूरी तरह बंद है. इसके बावजूद पीएचईडी विभाग पंचायत से इसका भुगतान वसूल रहा है. इस वार्ड में लगभग 250 महादलित परिवार रहते हैं, जिनके पास संसाधनों की काफी कमी है. उनके लिए जल का एकमात्र साधन नल-जल योजना ही है. गांव में एक भी सरकारी चापाकल उपलब्ध नहीं है. बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी ‘सात निश्चय योजना’ के तहत संचालित नल-जल योजना यहां पूरी तरह विफल साबित हो रही है. किसी भी महादलित परिवार को इस योजना के तहत पानी नहीं मिल रहा है. इस संबंध में ग्रामीणों-आशीष कुमार, दिग्विजय कुमार, नुनेश्वर दास, नवीन कुमार दास, दयानंद दास, विजय कुमार, रोहित दास, मुकेश दास, सुशील दास, रूपेश दास, त्रिलोकी दास आदि ने बताया कि ग्राम पंचायत द्वारा प्रत्येक महीने वार्ड क्रियान्वयन एवं प्रबंधन समिति के माध्यम से अनुरक्षक एवं बिजली बिल के नाम पर अवैध रूप से भुगतान किया जा रहा है. उनका आरोप है कि यह राशि हर महीने वार्ड सदस्य द्वारा समिति के खाते से निकालकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है, जबकि किसी भी परिवार को नल-जल योजना का लाभ नहीं मिल रहा है. वहीं, इस संबंध में मुखिया अभिषेक कुमार ने बताया कि नल-जल योजना पूरी तरह बंद है. इसके बावजूद पीएचईडी विभाग द्वारा लगातार भुगतान के लिए पत्र भेजा जाता है, जिसके आधार पर पंचायत भुगतान कर रही है. उन्होंने यह भी कहा कि इस समस्या को लेकर कई बार विभाग को शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ है.