[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार बांका सिंहनान दुर्गा मंदिर में आद्रा नक्षत्र पर लगा विशेष भोग

सिंहनान दुर्गा मंदिर में आद्रा नक्षत्र पर लगा विशेष भोग

0
सिंहनान दुर्गा मंदिर में आद्रा नक्षत्र पर लगा विशेष भोग

बांका/रजौन.

रजौन प्रखंड के सिंहनान दुर्गा मंदिर में आद्रा नक्षत्र उत्सव पर मां दुर्गा को खीर, पुड़ी और आम का भोग लगाया गया. यह ऐतिहासिक भव्य मंदिर विभिन्न पारंपरिक मान्यताओं के लिए प्रसिद्ध है. आद्रा नक्षत्र हिंदू परंपरा में एक पौराणिक महत्व रखता है, क्योंकि यह वर्षा ऋतु की शुरुआत का प्रतीक है. इस दौरान सूर्य आर्द्रा नक्षत्र में प्रवेश करता है जिसे मानसून के आगमन का प्रतीक माना जाता है. इस नक्षत्र में देवी-देवताओं की पूजा करने और खीर आम और मिठाई खिलाने की परंपरा है साथ ही आद्रा नक्षत्र को जीवनदायिनी भी कहा जाता है. पंडित शंभू झा और किसन चौधरी ने मंदिर में ही कच्चे चूल्हे का निर्माण कर उसी चूल्हे में खीर और पूडी बनाया तथा मां दुर्गा को खीर पूडी आम और मिठाई को “आद्र्रा ऩक्षत्र की थाली ” में भोग लगाया गया और भक्तों के बीच प्रसादी का वितरण किया गया. मालूम हो कि इस वर्ष आद्रा नक्षत्र 22 जून से शुरू हो गया है और छह जुलाई तक रहेगा. “अंबुबाची ” में गुवाहाटी कामाख्या मंदिर दिनांक 22 जून से 25 जून तक बंद रहेगा और मंदिर भक्तों के लिए 26 जून को खुलेगा. जितेन्द्र शेखर दत्ता ने बताया कि चुंकि सिंहनान दुर्गा मंदिर में बंगाली रीति रिवाज से पूजा पद्धति की जाती है, इसलिए अंबुबाची के बाद ही यहां आद्रा नक्षत्र की थाली में भोग लगाने की परंपरा है. मेढ़पति जगनारायण दत्ता ने बताया कि इस परंपरा का पालन 1855 से उनके पूर्वज चोवालाल दत्ता द्वारा मंदिर स्थापना के समय से ही किया जा रहा है. 26 जून को उनके खानदान द्वारा प्रथम आद्रा भोग के उपरांत अगले दिन स्व. सुबोध चन्द्र दत्ता, स्व. दुर्गा प्रसाद दत्ता और शंकर दत्ता के खानदान द्वारा भोग लगाया जायेगा. इस मौके पर जगनारायण दत्ता, जितेन्द्र शेखर दत्ता, रूप नारायण दत्ता, संजय दत्ता, ओम प्रकाश दत्ता, नवल किशोर दत्ता, राज नारायण दत्ता, राजेश दत्ता और रवि दत्ता, गौरव, दिव्यांशु, वंदित विवान, सक्षम उपस्थित थे. साथ ही मनोजीत, राकेश, कौशिक, संकेत, सार्थक, वैभव, राहुल आदि उपस्थित थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel