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Home बिहार बांका शंभुगंज में 20 साल से नहीं बदले बिजली पोल व तार, फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, आंदोलन की चेतावनी

शंभुगंज में 20 साल से नहीं बदले बिजली पोल व तार, फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, आंदोलन की चेतावनी

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शंभुगंज में 20 साल से नहीं बदले बिजली पोल व तार, फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, आंदोलन की चेतावनी

शंभुगंज (बांका) से ठाकुर बिनोद का रिपोर्ट

Banka News : बांका जिले के शंभुगंज प्रखंड अंतर्गत छतहार पंचायत के मिर्जापुर गांव में जर्जर बिजली तार और पोल बदलने की मांग को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है. ग्रामीणों का कहना है कि करीब 20 वर्षों से गांव की बिजली व्यवस्था में कोई बड़ा सुधार नहीं किया गया है. पुराने तार, जर्जर पोल और लो वोल्टेज की समस्या के कारण लोगों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. हालात इतने खराब हैं कि हल्की बारिश या तेज हवा में भी बिजली आपूर्ति बाधित हो जाती है और दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है.

जर्जर व्यवस्था से बढ़ रही परेशानी

ग्रामीणों ने बताया कि गांव में बिजली आने के बाद से अब तक न तो पोल बदले गए हैं और न ही तारों की समुचित मरम्मत हुई है. समय के साथ तार और उपकरण पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं. इसका सीधा असर बिजली आपूर्ति पर पड़ रहा है. लोगों को पर्याप्त वोल्टेज नहीं मिल पाता, जिससे घरेलू उपकरण ठीक से काम नहीं करते. किसानों और व्यवसायियों को भी इस समस्या का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है.

लो वोल्टेज से त्रस्त हैं उपभोक्ता

ग्रामीण मुकेश कुमार मिश्र, राजा मिश्र, विकास मिश्र और आशीष पाठक समेत अन्य लोगों ने बताया कि लो वोल्टेज की समस्या गांव की सबसे बड़ी परेशानी बन गई है. कई बार बिजली तो रहती है, लेकिन वोल्टेज इतना कम होता है कि पंखे, मोटर और अन्य उपकरण ठीक से नहीं चल पाते. इससे लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है. गर्मी के मौसम में यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है.

बारिश और आंधी में बढ़ जाता है खतरा

ग्रामीणों के अनुसार जर्जर तारों के कारण हल्की आंधी या बारिश में भी बिजली तार टूटकर गिर जाते हैं. दो दिन पहले आई आंधी-पानी के दौरान गांव में अलग-अलग दो स्थानों पर बिजली तार गिर गया था. एक युवक बाल-बाल बच गया, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था. लोगों का कहना है कि हर बार ऐसी घटनाएं होने के बावजूद स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है.

सूचना के बाद भी नहीं पहुंचते कर्मी

ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली तार गिरने या अन्य तकनीकी खराबी की सूचना विभाग को देने के बाद भी समय पर कोई कर्मी नहीं पहुंचता. इससे घंटों तक गांव की बिजली आपूर्ति ठप रहती है. इस दौरान लोगों को पेयजल संकट सहित कई अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है. ग्रामीणों का कहना है कि विभाग की लापरवाही के कारण उन्हें बार-बार परेशानी झेलनी पड़ रही है.

ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी

बढ़ती समस्याओं से नाराज ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द जर्जर तार और पोल नहीं बदले गए तो आंदोलन तेज किया जाएगा. लोगों ने कहा कि जरूरत पड़ने पर बिजली विभाग के कार्यालय का घेराव भी किया जाएगा. ग्रामीणों का कहना है कि वे कई बार विभागीय अधिकारियों को अपनी समस्या से अवगत करा चुके हैं, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिला है.

विभाग ने एजेंसी को बताया जिम्मेदार

इस संबंध में कनीय अभियंता राजीव कुमार ने बताया कि बिजली तार और अन्य उपकरण बदलने का कार्य संबंधित एजेंसी के जिम्मे है. उन्होंने कहा कि मिर्जापुर गांव में एजेंसी काम करने पहुंची थी, लेकिन कुछ ग्रामीणों द्वारा विरोध किए जाने के कारण कार्य प्रभावित हुआ. हालांकि विभाग समस्या के समाधान के लिए प्रयासरत है और जल्द ही आवश्यक कदम उठाए जाएंगे. अब ग्रामीणों की निगाहें विभागीय कार्रवाई पर टिकी हैं, ताकि वर्षों पुरानी समस्या का स्थायी समाधान हो सके.

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