पंजवारा, बांका से गौरव कश्यप की रिपोर्ट
School Infrastructure Crisis: बाराहाट प्रखंड के पंजवारा इंटर स्तरीय उच्च विद्यालय की हालत बदहाल है. यहां करीब 1100 छात्र-छात्राओं का भविष्य जर्जर भवन, कमरों की कमी और शिक्षकों के रिक्त पदों के बीच आकार ले रहा है.
1100 छात्रों के लिए सिर्फ चार कमरे
आठवीं कक्षा से लेकर प्लस टू तक की पढ़ाई कराने वाले इस विद्यालय में छात्र-छात्राओं की संख्या 1100 से अधिक है, लेकिन पढ़ाई के लिए पर्याप्त कमरे उपलब्ध नहीं हैं. स्कूल का पुराना भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है और वर्तमान में केवल चार कमरे ही उपयोग के योग्य बचे हैं.
स्थिति यह है कि सामान्य दिनों में भी बच्चों को बरामदे में बैठकर पढ़ाई करनी पड़ती है, जबकि परीक्षा और अन्य कार्यक्रमों के दौरान व्यवस्था और अधिक कठिन हो जाती है.
School Infrastructure Crisis: बारिश आते ही बढ़ जाती है परेशानी
विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापिका पिंकू कुमारी के अनुसार गर्मी के दिनों में किसी तरह बरामदे में कक्षाएं संचालित कर ली जाती हैं, लेकिन मानसून शुरू होते ही मुश्किलें कई गुना बढ़ जाती हैं.
उन्होंने बताया कि उपयोग में आ रहे चारों कमरों की छतों से भी पानी टपकता है. ऐसे में बच्चों की कॉपियां और किताबें भीग जाती हैं और कई बार कक्षाएं बाधित करनी पड़ती हैं.
विभाग को कई बार भेजी जा चुकी है सूचना
प्रधानाध्यापिका का कहना है कि जर्जर भवन और आधारभूत सुविधाओं की कमी को लेकर विभाग को कई बार लिखित रूप से अवगत कराया जा चुका है. इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है.
विज्ञान की पढ़ाई पर सबसे ज्यादा असर
विद्यालय में कुल 27 शिक्षक कार्यरत हैं, लेकिन महत्वपूर्ण विषयों में शिक्षकों की कमी छात्रों की पढ़ाई को प्रभावित कर रही है.
माध्यमिक स्तर पर संस्कृत और विज्ञान विषय के शिक्षकों के स्थानांतरण के बाद पद खाली पड़े हुए हैं. वहीं प्लस टू स्तर पर विज्ञान संकाय की स्थिति और भी चिंताजनक है.
फिजिक्स, बॉटनी और जूलॉजी के शिक्षक नहीं
विज्ञान संकाय में भौतिकी, वनस्पति विज्ञान और प्राणिविज्ञान जैसे प्रमुख विषयों के चार पद रिक्त हैं. इससे विज्ञान के विद्यार्थियों को परीक्षा की तैयारी और विषयों की समझ विकसित करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.
विशेषज्ञ शिक्षकों की अनुपस्थिति में छात्रों को वैकल्पिक व्यवस्था और स्वअध्ययन के सहारे पढ़ाई करनी पड़ रही है.
क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार है?
स्थानीय स्तर पर अक्सर यह आश्वासन मिलता है कि नए भवन का प्रस्ताव भेजा गया है या बजट मिलने के बाद काम शुरू होगा. लेकिन सवाल यह है कि आखिर 1100 बच्चों को सुरक्षित कक्षाएं और पर्याप्त शिक्षक कब मिलेंगे.
डिजिटल शिक्षा और विश्वस्तरीय स्कूलों की बात करने वाले दौर में पंजवारा के इन छात्रों की सबसे बड़ी जरूरत अभी भी एक सुरक्षित छत और पर्याप्त शिक्षक हैं.
