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Home बिहार बांका नदियां केवल जलधारा नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति व सभ्यता का आधा,अंसारी

नदियां केवल जलधारा नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति व सभ्यता का आधा,अंसारी

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नदियां केवल जलधारा नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति व सभ्यता का आधा,अंसारी

जल प्रहरी से सम्मानित समीर अंसारी ने नदियों का किया अवलोकन बांका पिछले दो दशकों से जल संरक्षण पर कार्य कर रहे व पदयात्रा करने वाले वाटरमैन तथा जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा अंतर्राष्ट्रीय जल प्रहरी सम्मान से सम्मानित समीर अंसारी इन दिनों बिहार दौरे पर हैं. समीर अंसारी पिछले दो दिनों से बांका जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पदयात्रा कर रहे हैं और यहां की नदियों एवं जलस्रोतों की स्थिति का गहन अवलोकन कर रहे हैं. उन्होंने सर्वप्रथम शहर की चांदन नदी का निरीक्षण किया. वे बांका और भागलपुर की लगभग सभी नदियों तथा गंगा की सहायक नदियों की स्थिति से संबंधित रिपोर्ट से बिहार सरकार, जल शक्ति मंत्रालय (भारत सरकार) व भारतीय नदी परिषद को अवगत करायेंगे. मनीष कुमार कुशवाहा, विभीषण पंजियारा, आशीष कुमार गुप्ता, पूजा कुमारी, पूनम देवी सहित कई सहयोगी मौजूद थे. समीर अंसारी ने कहा कि जल संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है. नदियां केवल जलधारा नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और सभ्यता का आधार हैं. नदियों, जलस्रोतों एवं पेड़-पौधों का संरक्षण केवल सरकार की ही नहीं, बल्कि हम सभी की जिम्मेदारी है. यदि समय रहते हम जल और पर्यावरण संरक्षण के प्रति सजग नहीं हुए, तो आने वाली पीढ़ियां जल संकट से जूझ सकती हैं.

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