[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार बांका जर्जर भवन में चल रहा पंजवारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों की बढ़ी चिंता

जर्जर भवन में चल रहा पंजवारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों की बढ़ी चिंता

0
जर्जर भवन में चल रहा पंजवारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों की बढ़ी चिंता

प्रतिदिन 100 से अधिक मरीज पहुंचते हैं इलाज कराने, बारिश में टपकती है छत, कई जगह से झड़ रहा प्लास्टर

पंजवारा बांका से गौरव कश्यप की रिपोर्ट,

पंजवारा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का भवन इन दिनों जर्जर अवस्था में पहुंच चुका है. अस्पताल में प्रतिदिन 100 से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं, वहीं रोजाना दो से पांच प्रसव भी कराए जाते हैं. इसके बावजूद भवन की बदहाल स्थिति मरीजों, परिजनों और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए खतरे की घंटी बनी हुई है. अस्पताल भवन काफी पुराना हो चुका है. भवन की छत और दीवारें कई जगहों से कमजोर होकर टूटने लगी हैं. बारिश के दिनों में छत से पानी टपकने के कारण इलाज और अन्य स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होती हैं.

भवन के छज्जे व किनारों से ईंट-पत्थर व टूट रहे हैं प्लास्टर

भवन के छज्जों और किनारों से ईंट-पत्थर तथा प्लास्टर गिरने की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं. कई बार लोग बाल-बाल बच चुके हैं, जिससे किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है. स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल क्षेत्र का प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र है, जहां आसपास के कई गांवों से मरीज इलाज कराने पहुंचते हैं. ऐसे में भवन की जर्जर हालत लोगों की चिंता बढ़ा रही है. मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि अस्पताल में इलाज कराने आने के दौरान हमेशा दुर्घटना का डर बना रहता है. प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. दिनेश कुमार ने बताया कि भवन की खराब स्थिति से विभाग को लिखित एवं मौखिक रूप से अवगत कराया जा चुका है.

नये भवन के निर्माण की पहल नहीं

अब तक मरम्मत या नए भवन निर्माण को लेकर कोई ठोस पहल नहीं हुई है. स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से अविलंब अस्पताल भवन की मरम्मत कराने अथवा नए भवन के निर्माण की मांग की है.उनका कहना है कि यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है. अब लोगों की निगाहें स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई पर टिकी हैं.

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel