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बांका में पर्यवेक्षण गृह बनकर तैयार, बांका के बाल कैदी रहेंगे यहां

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बांका में पर्यवेक्षण गृह बनकर तैयार, बांका के बाल कैदी रहेंगे यहां

राज्य मुख्यालय के निर्देश के बाद शुरु किया जायेगा संचालन नवनीत, बांका. सदर प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत कमलडीह गांव में आठ करोड़ की लागत से पर्यवेक्षण गृह (बाल सुधार गृह) बनकर तैयार हो गया है. भवन निर्माण ने इसका निर्माण कार्य पूरा करते हुए इसे विभाग को हैंडओवर कर दिया है. विभागीय जानकारी के मुताबिक, राज्य मुख्यालय के निर्देश प्राप्त होते ही इसका संचालन शुरु कर दिया जायेगा. नये वर्ष में इसके शुभारंभ की पूरी संभावना बन चुकी है. अभी पदाधिकारी व अन्य कर्मियों की नियुक्ति से संबंधित प्रक्रिया विभागीय स्तर पर की जा रही है. बहरहाल, पर्यवेक्षण गृह में मुख्य रुप से 18 वर्ष से कम उम्र के बाल कैदी रखे जायेंगे. मालूम हो कि अभी किसी भी अपराध में पकड़े गये बाल कैदी को सीधे भागलपुर स्थित बाल सुधार केंद्र भेजा जाता है. बांका में पर्यवेक्षण गृह बन जाने से अब जिले के बाल कैदियों को भागलपुर नहीं भेजना होगा. हालांकि, इसका संचालन शुरु होने के बाद ही बाल कैदियों को रखना यहां प्रारंभ किया जायेगा. बताया गया कि यहां 50 बाल बंदियों को एक साथ रखने की सुविधा है. संख्या में वृद्धि भी संभव है. बाल बंदियों को शिक्षा-दीक्षा सहित अन्य सारी आवासीय सुविधाओं के साथ रखा जायेगा. उनका चरित्र निर्माण किया जायेगा. ताकि जब बाल बंदी यहां से निकले तो एक सुयोग्य होकर अच्छे कार्यों के साथ् स्वयं को जोड़े. पर्यवेक्षण गृह परिसर में ही न्याय परिषद भी नवनिर्मित पयर्वेक्षण गृह करीब ढाई एकड़ भू-भाग में फैला हुआ है. पर्यवेक्षण गृह के रुप में आलीशान भवन का निर्माण किया गया है. चारो तरफ ऊँची-ऊँची दीवार का निर्माण किया गया है. सुरक्षा के दृष्टिकोण से यहां अन्य सारी व्यवस्थाएं की गयी है. पर्यवेक्षण गृह कैंपस में ही किशोर न्याय परिषद का कोर्ट भी बनाया गया है. बाल कैदियों से संबंधित मामले की सुनवाई संबंधित न्यायिक अधिकारी सुनेंगे. इन्हें पेशी के लिए भी अब अधिक दूरी पर ले जाने की झंझट नहीं रहेगी. जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी शंभु प्रसाद सिंह ने बताया कि पर्यवेक्षण गृह बनकर तैयार है. इसे शुरु करने के लिए विभागीय स्तर से जरुरी तैयारी पूरी की जा रही है. राज्य मुख्यालय के निर्देश के बाद इसका संचालन प्रारंभ कर दिया जायेगा.

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