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Home बिहार बांका नृत्य नहीं नेतृत्व भी आदिवासियों को करना होगा

नृत्य नहीं नेतृत्व भी आदिवासियों को करना होगा

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नृत्य नहीं नेतृत्व भी आदिवासियों को करना होगा

बौंसी.

आदिवासी एकता मंच की ओर से चंदवे गढ़ मैदान में आयोजित हूल दिवस पर कार्यक्रम का उद्घाटन झारखंड के पूर्व विधायक सूर्या सिंह बेसरा, कटोरिया विधानसभा के पूर्व विधायक सोनेलाल हेंब्रम, महिला आयोग की सदस्य शीला टुडू, सामाजिक कार्यकर्ता रेखा सोरेन सहित अन्य ने दीप प्रज्वलित कर किया. मौके पर पूर्व विधायक व कई भाषाओं के जानकार श्री बेसरा ने कहा कि आज आदिवासी समाज अपने महापुरुषों की जयंती पर सिर्फ नाच, गान और उत्सव मनाने का कार्य कर रही है. जबकि हमारे पूर्वजों ने अपने बलिदान से शोषण करने वाले अंग्रेजी हुकूमत की नींद उड़ा दी थी. 20 करोड़ की आबादी आदिवासियों के रहने के बावजूद भी हम लोग आज जल, जंगल और जमीन बचाने में असफल हैं. हमारी आवाज जिले के पदाधिकारी तक भी नहीं पहुंच पा रही है. जिसकी मुख्य वजह यह है कि हमलोगों को अभी भी नेतृत्व करना नहीं आया है. सिर्फ नृत्य करना ही आया है. आदिवासियों को बहलाकर उनका धर्मांतरण भी किया जा रहा है. इसे रोकना आवश्यक है. उन्होंने मंच से आदिवासियों को अपने बच्चों को शिक्षित करने की भी सलाह दी. कटोरिया के पूर्व विधायक ने भी अपने संबोधन में आदिवासियों को एकजुट होकर अपने अधिकार के लिए खड़े रहने की सलाह दी. साथ ही अपनी ताकत को पहचानने की बात कही. इसके पूर्व सिद्धू कान्हू, चांद, भैरव सहित अन्य स्वतंत्रता सेनानियों का माल्यार्पण किया गया. कार्यक्रम को महिला आयोग की सदस्य शीला टुडू, महिला नेत्री व समाजसेवी रेखा सोरेन सहित अन्य ने भी संबोधित किया. इस मौके पर मुख्य रूप से भाजपा जिलाध्यक्ष बृजेश उर्फ विक्की मिश्रा, सांगा पंचायत की मुखिया पूजा मुर्मू, पंसस बिरसा सोरेन, मुखिया प्रतिनिधि पूरन लाल टुडू, हरि किशोर गंधर्व, पंचायत समिति सदस्य धर्मेंद्र पासवान, गणेश मुर्मू सहित अन्य मौजूद थे.

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