[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार बांका पुल निर्माण में मुआवजा को लेकर भड़के ग्रामीण, समाहर्ता से लगाई न्याय की गुहार

पुल निर्माण में मुआवजा को लेकर भड़के ग्रामीण, समाहर्ता से लगाई न्याय की गुहार

0
पुल निर्माण में मुआवजा को लेकर भड़के ग्रामीण, समाहर्ता से लगाई न्याय की गुहार

बौसी, बांका से संजीव पाठक की रिपोर्ट

Banka News : बौंसी प्रखंड के सुजापुर गांव में सुखनिया नदी पर बनने वाले एनएच-133ई पुल परियोजना को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है. भूमि अधिग्रहण के बदले तय मुआवजा राशि में भारी अंतर को लेकर प्रभावित रैयतों ने समाहर्ता बांका को आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है.

मुआवजा निर्धारण में पारदर्शिता नहीं होने का आरोप

ग्रामीणों का आरोप है कि एक ही परियोजना के तहत कुछ जमीन मालिकों को लाखों रुपये का मुआवजा दिया गया है, जबकि कई अन्य लोगों को बेहद कम राशि का नोटिस मिला है. इससे गांव में असंतोष का माहौल बन गया है.लोगों का कहना है कि मुआवजा निर्धारण प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई और वास्तविक बाजार दर की अनदेखी की गई है.

बाजार मूल्य के अनुसार मुआवजा देने की मांग

प्रभावित ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि अधिग्रहित जमीन, मकान और दुकानों का मूल्यांकन स्थानीय बाजार दर के आधार पर किया जाए, ताकि सभी प्रभावित परिवारों को न्यायसंगत क्षतिपूर्ति मिल सके.ग्रामीणों ने अपने आवेदन के साथ मौजा, खाता, खसरा और रकवा से संबंधित दस्तावेज भी प्रशासन को सौंपे हैं. इसके अलावा हाल के भूमि रजिस्ट्री दस्तावेज भी संलग्न किए गए हैं, ताकि जमीन के वास्तविक बाजार मूल्य का सही आकलन हो सके.

25 ग्रामीणों ने आवेदन पर किए हस्ताक्षर

इस आवेदन पर गांव के 25 ग्रामीणों ने हस्ताक्षर किए हैं. प्रमुख हस्ताक्षरकर्ताओं में श्रवण कुमार भगत, बिंदेश्वरी कुमार, निर्मल झा, मनोज सिंह, रविकांत मंडल, पिंटू झा, मनीष कुमार, मंसूर आलम, परमानंद झा और सुनील मंडल समेत कई अन्य ग्रामीण शामिल हैं.ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर उचित मुआवजा तय करने की मांग की है.

परियोजना को लेकर बढ़ सकती है मुश्किलें

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते मुआवजा विवाद का समाधान नहीं किया गया, तो परियोजना के कार्य पर असर पड़ सकता है. ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई कर न्यायपूर्ण निर्णय लेने की अपील की है.

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel