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Home बिहार बांका वक्फ संशोधन कानून से समाज में विभाजन की खाई और गहरी होगी : इकबाल अहमद

वक्फ संशोधन कानून से समाज में विभाजन की खाई और गहरी होगी : इकबाल अहमद

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वक्फ संशोधन कानून से समाज में विभाजन की खाई और गहरी होगी : इकबाल अहमद

वक्फ संशोधन कानून के खिलाफ भेड़ामोड़ मैदान में अल्पसंख्यक समुदाय का जोरदार प्रदर्शन

पंजवारा. केंद्र सरकार द्वारा पारित वक्फ संशोधन विधेयक के विरोध में जमियत-ए-उलेमा के बैनर तले शनिवार को भेड़ामोड़ मैदान में अल्प संख्यक समुदाय के लोगों ने एकजुट होकर जोरदार प्रदर्शन किया. इस दौरान सीमावर्ती झारखंड के गोड्डा, भागलपुर एवं जिलेभर से आये हजारों लोगों ने सरकार द्वारा संसद में पारित किये गये इस कानून को अल्प संख्यक समुदाय की धार्मिक और सामाजिक संरचनाओं पर हमला करार देते हुए इसे तुरंत वापस लेने की मांग की. कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे सदर जमियत उलेमा के मौलवी इकबाल अहमद ने जन समूह को संबोधित करते हुए कहा कि यह वक्फ बोर्ड कानून ना केवल धार्मिक पक्षपात को बढ़ावा देगा बल्कि इससे समाज में विभाजन की खाई और गहरी होगी. सरकार इस कानून के जरिये विशेष धर्म के लोगों को निशाना बना रही है. साथ ही उनकी आस्था से जुड़ी संसाधनों पर नियंत्रण करने की योजना पर काम कर रही है. मुख्य वक्ता एमारति सरिया पटना के मौलाना सोहेल साहब ने कार्यक्रम में सिरकत करते हुए कहा कि यह कानून लोकतंत्र के मूल्यों के खिलाफ है. यह हमें आपस में बांटने और हमारे अधिकारों को छीनने की साजिश है. मौजूद लोगों से एकजुट होकर इस काले कानून का विरोध करने एवं लोकतांत्रिक तरीके से सरकार पर दबाव बनाकर इसे वापस लेने की वकालत की. कानून में कई खामियां है, जेपीसी के सामने रखी गयी बात नहीं मानी गयी है. वहीं हम एक हैं, काला कानून वापस लो, हमारा हक हमें दो आदि का नारा लगाते हुए विरोध दर्ज किया. भेड़ामोड़ में आयोजित प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा. इसके प्रभाव और संदेश की गूंज साफ महसूस की गयी. इस मौके पर बाराहाट मदरसा के मुफ्ती साहब, कांग्रेस के गिरीश पासवान,राजीव रंजन सहित अन्य मौजूद रहे.

इन वक्ताओं ने सभा को किया संबोधित

जमियत-ए-उलेमा के मौलवी शाहबाज आलम, नायब सदर मौलाना अशरफ आलम, मौलवी हसन, मौलवी हैदर, मौलवी यूनुस, मौलवी यासीन, मौलवी मुक्ति सिराज, बिलाल, ताजुद्दीन के अलावे राजद प्रखंड अध्यक्ष ओमप्रकाश यादव एवं कांग्रेस के अन्य वक्ताओं ने कहा कि कार्यक्रम को संबंधित किया. सभी वक्ताओं ने इस काले कानून को वापस लेने की बात कही. साथ ही प्रतिनिधियों ने ऐलान किया कि जल्द ही राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और राज्यपाल को मामले का ज्ञापन जिला प्रशासन के माध्यम से सौंपा जायेगा. वक्ताओं ने चेतावनी दी कि अगर विधेयक वापस नहीं लिया गया तो राज्यव्यापी आंदोलन किया जायेगा.

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