[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार बांका शंभुगंज बटेश्वरनगर में पेयजल संकट, चापानल पर पांच दर्जन घरों का दबाव

शंभुगंज बटेश्वरनगर में पेयजल संकट, चापानल पर पांच दर्जन घरों का दबाव

0
शंभुगंज बटेश्वरनगर में पेयजल संकट, चापानल पर पांच दर्जन घरों का दबाव

Banka News : शंभुगंज (बांका) प्रखंड क्षेत्र में भीषण गर्मी और तेज धूप से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. बिरनौधा पंचायत के वार्ड संख्या 9, बटेश्वरनगर में पेयजल संकट गंभीर समस्या बन गया है. गांव में नलजल योजना का विस्तार सीमित होने के कारण लगभग पांच दर्जन घरों का दबाव एक ही चापानल पर है. ग्रामीणों की परेशानी इतनी बढ़ गई है कि पानी लेने के लिए सुबह से शाम तक लाइन में खड़े रहना पड़ता है.

पानी की किल्लत और ग्रामीणों की जद्दोजहद

गांव के मध्य स्थित पीएचईडी का चापानल ग्रामीणों की मुख्य जल आपूर्ति का साधन है. रेखा देवी, मीरा देवी, सुशीला देवी, राधा देवी और लखन मंडल सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि पानी लेने के लिए हर दिन लंबी लाइन लगती है. यदि चापानल खराब हो जाता है, तो पानी सड़क पर स्थित पेट्रोल पंप से लाना पड़ता है.

गंगटी नदी का सहारा

ग्रामीणों ने बताया कि कपड़ा धोने और मवेशियों को पानी पिलाने का काम बगल की गंगटी नदी से किया जाता है. वहीं, जलमीनार के लिए विभाग द्वारा काम शुरू कराया गया था, लेकिन संवेदक ने आधे काम के बाद फरार हो गया. लगभग छह माह से काम ठप्प है और विभाग की ओर से कोई सक्रियता नहीं दिख रही है.

शिकायतों के बावजूद कोई हल नहीं

ग्रामीणों ने कई बार जनप्रतिनिधियों और विभाग से शिकायत की, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि बरसात से पहले जलमीनार का काम पूरा नहीं हुआ, तो आंदोलन तेज हो सकता है.

विभाग का आश्वासन

पीएचईडी विभाग के कनिष्ठ अभियंता सुबोध कुमार ने बताया कि समस्या का जल्द समाधान किया जाएगा और इसके लिए लगातार प्रयास जारी हैं. ग्रामीणों की परेशानी को ध्यान में रखते हुए जलमीनार का काम शीघ्र पूरा कराने की कोशिश की जा रही है.

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel