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सिकल एनीमिया की पहचान के लिए तीन जुलाई से लगेगा शिविर

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सिकल एनीमिया की पहचान के लिए तीन जुलाई से लगेगा शिविर

– अनुसूचित जनजाति बहुल क्षेत्रों में लगाया जायेगा शिविरबांका. सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन कार्यक्रम को लेकर डीएम अंशुल कुमार ने बुधवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से विभागीय तैयारी की समीक्षा की. विभागीय जानकारी के अनुसार आगामी 3 जुलाई से सिकल एनीमिया को लेकर जागरूकता सह स्क्रीनिंग शिविर आयोजित होगा. जिसके अंतर्गत सभी अनुसूचित जनजाति परिवारों के सदस्यों का स्क्रीनिंग की जानी है. बांका जिला में एक लाख लोगों का स्क्रीनिंग होनी है. डीएम ने इसके लिए माइक्रो प्लान समर्पित का निर्देश दिया है. वहीं आयोजित जागरूकता सह स्क्रीनिंग शिविर के प्रत्येक दिन का फोटोग्राफ, वीडियो एवं अन्य मीडिया क्लिप मांगा गया है. बताया जा रहा है सिकल सेल एनीमिया के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से कार्ड जारी किया जायेगा. डीएम के द्वारा स्वास्थ्य विभाग सहित कल्याण पदाधिकारी व सीडीपीओ को पूरी रणनीति के साथ यह कार्यक्रम सफल बनाने का निर्देश दिया गया है.

अनुसूचित जनजाति बहुल क्षेत्रों में लगेगा शिविरसिकल सेल एनीमिया को लेकर आगामी 3 जुलाई से प्रत्येक दिन अनुसूचित जनजाति बाहुल्य क्षेत्र में हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर सहित किसी अन्य स्थलों को चिन्हित करते शिविर लगाया जायेगा. जिसमें सिकल सेल एनीमिया बीमारी की जानकारी देते हुए स्क्रीनिंग भी किया जाना है. इसको लेकर सभी आशा कार्यकर्ता, विकास मित्र व आंगनबाड़ी सेविका के माध्यम से अनुसूचित जनजाति बाहुल्य क्षेत्र में प्रचार प्रसार किया जाना है.

पेयजल के लिए चापाकल की मरम्मत व टैंकर व्यवस्था रहेगी जारी

बांका. डीएम ने बुधवार को वीसी के माध्यम से पेयजल आपूर्ति, अग्निकांड एवं पंचायत सरकार भवन निर्माण आदि को लेकर समीक्षा की. जिसके बाद सभी प्रखंडों में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए चापाकल की मरम्मति, टैंकर से जलापूर्ति जारी रखने का निर्देश दिया गया है. वहीं अग्निकांड से पीड़ित परिवारों को ससमय सहायता राशि, सहायता सामग्री, गृह क्षति अनुदान एवं अग्निकांड की घटना से मृत पशु के मालिक को अनुग्रह अनुदान भुगतान करने का निर्देश दिया गया.

खरीफ फसलों के लिए किसानों को दी जा रही तकनीकी जानकारी

बांका. खरीफ मौसम में किसानों के बीच नवीनतम तकनीकी एवं कृषि विभाग के द्वारा संचालित सभी योजनाओं का प्रचार-प्रसार एवं जागरूकता के लिए बुधवार को अमरपुर के भीखनपुर पंचायत में किसान चौपाल आयोजन किया गया. विभागीय जानकारी के अनुसार यह कार्यक्रम गत 21 जून से 15 जुलाई तक आयोजित किया जायेगा. कार्यक्रम में कृषि की उन्नत तकनीकी किसानों को हस्तानांतरित करने के लिए कृषि वैज्ञानिकों एवं कृषि पदाधिकारियों के द्वारा किसानों को जागरूक किया गया. साथ ही किसानों के स्थानीय समस्याओं का निराकरण किया गया. चौपाल में विभिन्न फसलों, फल, फूल, सब्जी आदि से संबंधित क्लस्टर में किये जा रहे खेती करने वाले किसानों को योजनाओं एवं नवीनतम तकनीकी पर बल देते हुए फसलों की उत्पादकता में वृद्धि के साथ-साथ विपणन समस्याओं के समाधान कर उनकी आमदनी बढ़ाने का भी सुझाव दिया गया. इसके अलावा बताया गया कि फसल अवशेष जलाने से मिट्टी के पोषक तत्वों की क्षति होने के साथ-साथ मिट्टी में कार्बनिक पदार्थों की भी क्षति होती है. जमीन में पाये जाने वाले लाभकारी सूक्ष्म जीवाणु समाप्त हो जाते हैं. फसल अवशेष जलाने से हानिकारक गैसों का उत्सर्जन होता है. इसके जलाने से एरोसॉल के कण निकलते हैं जो हवा को प्रदूषित करते हैं. फसल अवशेष को न जलाने एवं इसके प्रबंधन से संबंधित यंत्रों के प्रयोग के बारे में किसानों को बताया गया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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