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Home बिहार बांका जैठौर पुल पर खतरे की घंटी: एक सप्ताह बाद भी नहीं बदला टूटा बैरियर, भारी वाहनों की आवाजाही जारी

जैठौर पुल पर खतरे की घंटी: एक सप्ताह बाद भी नहीं बदला टूटा बैरियर, भारी वाहनों की आवाजाही जारी

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जैठौर पुल पर खतरे की घंटी: एक सप्ताह बाद भी नहीं बदला टूटा बैरियर, भारी वाहनों की आवाजाही जारी
टूटा हुआ बैरियर व पुल के समीप मुख्य सड़क पर बने गड्ढे.

मुख्य बातें

अमरपुर (बांका) से प्रीतम कुमार की रिपोर्ट

Bridge Safety Concern: बांका जिले के अमरपुर प्रखंड स्थित जैठोर पुल पर सुरक्षा व्यवस्था लचर होती नजर आ रही है. भारी वाहनों के प्रवेश को रोकने के लिए लगाया गया लोहे का बैरियर अज्ञात वाहन की टक्कर में टूट गया था, लेकिन एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी नया बैरियर नहीं लगाया गया है. प्रशासनिक उदासीनता के कारण अब पुल पर भारी वाहनों की आवाजाही का खतरा बढ़ गया है, जिससे स्थानीय लोगों और वाहन चालकों में चिंता बढ़ने लगी है.

टूटे बैरियर ने बढ़ायी चिंता

स्थानीय लोगों के अनुसार पुल के एक छोर पर लगा लोहे का बैरियर करीब एक सप्ताह पहले किसी अज्ञात वाहन की टक्कर से क्षतिग्रस्त हो गया था. इसके बाद से संबंधित विभाग की ओर से न तो उसकी मरम्मत कराई गई और न ही नया बैरियर लगाया गया.

लोगों का कहना है कि यदि जल्द व्यवस्था नहीं की गई तो भारी वाहन भी पुल का इस्तेमाल करने लगेंगे, जिससे किसी बड़े हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता.

पहले से ही संवेदनशील है जैठोर पुल

गौरतलब है कि जैठोर पुल के एक पिलर में तकनीकी खराबी और धंसाव की समस्या सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने एहतियातन भारी वाहनों के परिचालन पर पूरी तरह रोक लगा दी थी.

इसी उद्देश्य से पुल के दोनों ओर लोहे के बैरियर लगाए गए थे, ताकि केवल हल्के वाहन ही पुल से गुजर सकें और पुल पर अतिरिक्त भार न पड़े.

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सड़क पर बने गड्ढे बढ़ा रहे परेशानी

पुल के समीप मुख्य सड़क की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है.सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बन चुके हैं, जिनमें बारिश का पानी जमा होने से दोपहिया और छोटे चारपहिया वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

वाहन चालक जान जोखिम में डालकर गड्ढों से बचते हुए पुल पार करने को मजबूर हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि टूटा बैरियर और जर्जर सड़क मिलकर किसी भी समय गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकते हैं.

तीन राज्यों को जोड़ता है महत्वपूर्ण मार्ग

जैठोर पुल बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग माना जाता है. इस पुल के माध्यम से झारखंड और पश्चिम बंगाल की दूरी काफी कम हो जाती है, जिसके कारण प्रतिदिन बड़ी संख्या में छोटे वाहनों का आवागमन होता है.

ऐसे में पुल की सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही क्षेत्रीय यातायात व्यवस्था पर भी असर डाल सकती है.

ग्रामीणों ने प्रशासन से लगाई गुहार

स्थानीय ग्रामीणों और वाहन चालकों ने जिला प्रशासन तथा संबंधित विभाग से जल्द से जल्द नया बैरियर लगाने और पुल के समीप क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है.

उनका कहना है कि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो बारिश के मौसम में स्थिति और गंभीर हो सकती है.

सुरक्षा व्यवस्था बहाल करने की मांग तेज

लोगों का मानना है कि पुल की संवेदनशील स्थिति को देखते हुए प्रशासन को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए. एक छोटा सा कदम भविष्य में किसी बड़े हादसे को टाल सकता है और हजारों यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकता है.

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