[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार बांका कंचनजंघा एक्सप्रेस ट्रेन हादसा में बाल-बाल बचा बौंसी का युवक

कंचनजंघा एक्सप्रेस ट्रेन हादसा में बाल-बाल बचा बौंसी का युवक

0
कंचनजंघा एक्सप्रेस ट्रेन हादसा में बाल-बाल बचा बौंसी का युवक

बौंसी (बांका).पश्चिम बंगाल के न्यू जलपाईगुड़ी ट्रेन हादसा में बौंसी नगर पंचायत का युवक बाल- बाल बच गया. बौंसी पंडा टोला निवासी गोरेलाल झा का पुत्र निर्मल झा भी दुर्घटनाग्रस्त कंचनजंगा एक्सप्रेस में सवार था. युवक ने बताया कि हम न्यू जलपाईगुड़ी से रामपुराहट आ रहे थे. रंगापानी के पास 8:15 के करीब कंचनजंगा एक्सप्रेस खड़ी थी. पीछे से मालगाड़ी टकरा गयी. इंजन से सटी हुई तीसरी बोगी में बैठा हुआ था. बोगी संख्या एस-3 में ऊपर में 22 नंबर सीट मेरी थी. सुबह करीब 8 बजे ट्रेन में बहुत जोर की कंपन हुई, तो उसने देखा कि ट्रेन रांगा पानी नाम के एक छोटे से स्टेशन पर खड़ी है. जिस ट्रैक पर उसकी ट्रेन खड़ी थी उसी ट्रैक पर पीछे की ओर से मालगाड़ी भी आ रही थी जो तीन बोगियां पर चढ़ गयी. युवक ने बताया कि वह न्यू जलपाईगुड़ी में ट्रेन पर चढ़ा था. पिछले कई दिनों से सिलीगुड़ी में था और उसे रामपुरहाट आना था. हादसे को याद कर युवक पूरी तरह से सिहर उठा. युवक के परिजन चिंतित हैं. युवक ने कहा कि जलपाईगुड़ी से प्राइवेट बस ग्रीनलाइन से दुर्गापुर आये हैं.

चारों ओर मची चीख पुकार

युवक ने बताया कि बॉगी से बाहर निकलने पर चारों ओर चीख पुकार मची हुई थी. लोग बदहवास होकर इधर-उधर भाग रहे थे. दुर्घटनाग्रस्त बोगियां से लोग जान बचाने की गुहार लगा रहे थे. बच्चों और महिलाओं के रोने और चीखने की आवाज अभी तक उसके कानों में गूंज रही है.

परिजनों के लगातार आ रहे फोन

युवक ने बताया कि भगवान मधुसूदन के साथ-साथ माता-पिता के आशीर्वाद से वह सकुशल बच गया है. उनके परिजन, मित्र और रिश्तेदार लगातार फोन कर उनसे कुशलता की जानकारी प्राप्त करना चाह रहे हैं, लेकिन भय और बदहवासी की वजह से अभी भी वह अपने परिजनों को बेहतर तरीके से घटना की जानकारी नहीं दे पा रहे हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel