[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार बांका बांका में भीषण गर्मी के बीच मौसम का यू-टर्न: अगले 48 घंटों में आंधी-तूफान के साथ झमाझम बारिश के आसार

बांका में भीषण गर्मी के बीच मौसम का यू-टर्न: अगले 48 घंटों में आंधी-तूफान के साथ झमाझम बारिश के आसार

0
बांका में भीषण गर्मी के बीच मौसम का यू-टर्न: अगले 48 घंटों में आंधी-तूफान के साथ झमाझम बारिश के आसार
आसमान में घिरे बादल
बांका से सुभाष वैद्य की रिपोर्ट

Banka Weather: कोसी-सीमांचल और अंग प्रक्षेत्र के जिलों में मौसम की कड़ियों में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है. बांका जिले में विगत एक सप्ताह से जारी प्रचंड गर्मी और उमस के बीच मंगलवार को अचानक मौसम का मिजाज बदल गया, जिससे आसमान में धूप-छांव का खेल मुस्तैद रहा. बिहार कृषि विश्वविद्यालय (BAU) सबौर के ग्रामीण कृषि मौसम सेवा केंद्र द्वारा जारी ताजा मध्यमावधि पूर्वानुमान के अनुसार, बांका जिले में आगामी 17 जून तक मौसम में एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव संधारित होगा. मौसम कप्तानों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं के कारण जिले के विभिन्न प्रक्षेत्रों में तेज आंधी और आकाशीय बिजली चमकने के साथ झमाझम बारिश की परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बन चुकी हैं.

तापमान में आएगी भारी गिरावट; 15 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

  • पारे में ऐतिहासिक गिरावट: पिछले दिनों जहां जिले का अधिकतम तापमान 39 डिग्री और न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज होने से लोग हलाकान थे, वहीं आगामी 48 घंटों में बारिश के बाद अधिकतम तापमान लुढ़क कर 30 से 31 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 24 से 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास सिमटने का अनुमान है.
  • पुरवैया हवाओं की कमान: इस दौरान जिले में दक्षिण-पूर्व दिशा से करीब 14 से 15 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से ठंडी हवाएं चलेंगी, जिससे वातावरण में घुली उमस भरी गर्मी से कनिष्ठ व वरिष्ठ नागरिकों को बड़ी राहत संबल मिलेगी.

“मौसम में होने वाले इस अचानक उतार-चढ़ाव (धूप और बारिश के मिश्रण) के दौरान सबसे ज्यादा कली-मजदूर, वृद्ध और बच्चे मौसमी बीमारियों की चपेट में आते हैं. अस्पताल की ओपीडी में अचानक बुखार, तेज सिरदर्द, पेट में मरोड़ और उल्टी के मरीजों का ग्राफ बढ़ा है. इस मौसम में खान-पान को लेकर अत्यधिक परहेज और सावधानी बरतने की आवश्यकता है.” — डॉ. सुनील कुमार चौधरी, वरिष्ठ चिकित्सक, सदर अस्पताल बांका

भीषण गर्मी में बढ़ा बीमारियों का प्रकोप; डॉक्टर ने दी विशेष परहेज की सलाह

चिकित्सक कप्तानों ने आम जनता से अपील की है कि शरीर में पानी की कड़ियों को कमजोर न होने दें. डिहाइड्रेशन से बचने के लिए नियमित अंतराल पर ओआरएस (ORS) का घोल, नींबू पानी, गन्ने का ताजा रस, मौसमी फलों का जूस तथा बाजार में मिलने वाले पानीदार फल जैसे ककड़ी, खीरा, तरबूज और खरबूजा का अधिकतम सेवन संधारित करें, ताकि मौसमी विसंगतियों से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत बनी रहे.

किसानों के चेहरे खिले; धान की बिछड़ा (नर्सरी) डालने की तैयारी तेज

इधर, मौसम विभाग द्वारा भागलपुर और बांका प्रक्षेत्र में मानसून के सक्रिय होने की आधिकारिक पुष्टि के बाद जिले के ग्रामीण इलाकों के किसानों के चेहरे पूरी तरह खिल उठे हैं. कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यह प्री-मानसून और शुरुआती मानसूनी बारिश खरीफ सीजन की मुख्य फसल धान का बिछड़ा (नर्सरी) तैयार करने के लिए अमृत के समान साबित होगी. जिले के कनिष्ठ व वरिष्ठ किसानों ने अपने हल और ट्रैक्टरों की कमान संभाल ली है, ताकि पहली तेज बारिश होते ही खेतों की जुताई और बुवाई का कार्य युद्धस्तर पर संधारित किया जा सके. बहरहाल, झुलसाने वाली लू के बाद आसमान में उमड़ रहे काले बादलों ने बांका वासियों को एक नई उम्मीद और राहत की सांस दी है.

बिहार की ताजा खबरों के लिए क्लिक करें

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel