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Home बिहार बांका बांका का दूधिया मालदा आम अमेरिका में छाया, न्यू जर्सी तक पहुंची मंदार की मिठास, विदेशी ग्राहकों ने दिया दोबारा ऑर्डर

बांका का दूधिया मालदा आम अमेरिका में छाया, न्यू जर्सी तक पहुंची मंदार की मिठास, विदेशी ग्राहकों ने दिया दोबारा ऑर्डर

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बांका का दूधिया मालदा आम अमेरिका में छाया, न्यू जर्सी तक पहुंची मंदार की मिठास, विदेशी ग्राहकों ने दिया दोबारा ऑर्डर

बौसी, (बांका) से संजीव पाठक की रिपोर्ट

Banka News : बांका जिले के बौंसी प्रखंड से एक ऐसी खबर सामने आयी है, जिसने बिहार के किसानों और बागवानी क्षेत्र का गौरव बढ़ा दिया है. धौबीयाबांध गांव स्थित भारतम वाटिका के दूधिया मालदा आम अब अमेरिका के न्यू जर्सी तक पहुंच चुके हैं. शनिवार से वहां उपभोक्ताओं के घरों तक इन आमों की आपूर्ति शुरू हो गयी है. इस उपलब्धि ने न केवल बांका बल्कि पूरे बिहार को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नयी पहचान दिलायी है.

किसानों की मेहनत ने दिलायी वैश्विक पहचान

इस बार निर्यात के लिए किसान टुनटुन सिंह और राजेश राय के बागानों से चयनित उच्च गुणवत्ता वाले दूधिया मालदा आमों को भेजा गया. निर्यात से पहले आमों को मुंबई स्थित इर्रेडिएशन सेंटर में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप जांच और प्रसंस्करण प्रक्रिया से गुजरना पड़ा. इसके बाद इन्हें अमेरिका के लिए रवाना किया गया.

न्यू जर्सी में पसंद आया बिहार का स्वाद

भारतम वाटिका के संस्थापक निमेष राय ने बताया कि न्यू जर्सी में आमों की डिलीवरी शुरू होते ही ग्राहकों की सकारात्मक प्रतिक्रियाएं मिलने लगीं. विदेशी उपभोक्ताओं ने आमों की मिठास, सुगंध और बेहतरीन स्वाद की खुलकर प्रशंसा की. कई ग्राहकों ने दोबारा ऑर्डर देने की इच्छा भी जताई है.किसान टुनटुन सिंह ने कहा कि गांव के बागानों से निकले आम जब अमेरिका के बाजार तक पहुंचे और वहां से पुनः मांग आने लगी, तो यह पूरे क्षेत्र के किसानों के लिए गर्व का विषय है. इससे साबित होता है कि बिहार के पारंपरिक आम वैश्विक बाजार में अपनी अलग पहचान बनाने की क्षमता रखते हैं.

पिछले साल की ट्रायल खेप से इस बार बड़ा कदम

बताया जाता है कि पिछले वर्ष भी भारतम वाटिका के आम अमेरिका भेजे गए थे. उस समय यह बिहार से अमेरिका को भेजी गई शुरुआती ट्रायल खेपों में शामिल था. इस वर्ष करीब दो टन दूधिया मालदा आमों का निर्यात किया गया है, जिसे एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है.

दिल्ली से गुरुग्राम तक पहुंचा ऑर्चर्ड टू होम मॉडल

विदेशी बाजार के साथ-साथ भारतम वाटिका घरेलू ग्राहकों तक भी सीधे बाग से आम पहुंचाने का अभियान चला रही है. 13 जून को दिल्ली और गुरुग्राम के उपभोक्ताओं को लगभग ढाई टन आम सीधे ऑर्चर्ड से उपलब्ध कराए गए. उपजगुरु (UpajGuru) के सहयोग से संचालित इस पहल को ग्राहकों का अच्छा प्रतिसाद मिला.

पटना मंडी में भी बढ़ी मांग

स्थानीय बाजार में भी दूधिया मालदा आम की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है. हाल ही में पटना मंडी में लगभग 200 किलोग्राम आमों की बिक्री हुई, जहां व्यापारियों ने इसकी गुणवत्ता और स्वाद की विशेष सराहना की. इसे बिहार के प्रीमियम आमों के प्रति बढ़ते उपभोक्ता विश्वास का संकेत माना जा रहा है.

750 से अधिक आम के पेड़ों वाला प्रीमियम ऑर्चर्ड

धौबीयाबांध स्थित भारतम वाटिका एपीडा (APEDA) पंजीकृत आम बागान है. करीब 10 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले इस ऑर्चर्ड में 750 से अधिक आम के वृक्ष हैं. यहां दूधिया मालदा, जर्दालु समेत कई प्रीमियम किस्मों का उत्पादन किया जाता है. मंदार क्षेत्र के निकट स्थित यह बागान बिहार की समृद्ध बागवानी परंपरा का प्रतिनिधित्व करता है.

अब कनाडा और ऑस्ट्रेलिया पर नजर

आमों के सफल निर्यात से क्षेत्र के किसानों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार के नए अवसर खुल गए हैं. भारतम वाटिका का लक्ष्य आने वाले वर्षों में अमेरिका के साथ-साथ कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और अन्य देशों तक बिहार के प्रीमियम आमों को पहुंचाना है. यदि यह प्रयास सफल रहा तो बिहार के आम विश्व बाजार में और मजबूत पहचान बना सकते हैं.

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