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Home बिहार बांका बांका में भीषण गर्मी का कहर, लू के थपेड़ों से बेहाल लोगों को देसी शरबत सत्तू ही दे रहा ठंडक

बांका में भीषण गर्मी का कहर, लू के थपेड़ों से बेहाल लोगों को देसी शरबत सत्तू ही दे रहा ठंडक

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बांका में भीषण गर्मी का कहर, लू के थपेड़ों से बेहाल लोगों को देसी शरबत सत्तू ही दे रहा ठंडक

पंजवारा बांका से गौरव कश्यप की रिपोर्ट

Banka News : बांका जिले के पंजवारा क्षेत्र में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है. तापमान में लगातार हो रही वृद्धि और चिलचिलाती धूप ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है. हालात ऐसे हैं कि सुबह 10 बजे के बाद बाजार, सड़कें और गलियां लगभग सुनसान हो जाती हैं. लोग केवल जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं. वहीं गर्म हवाओं और उमस के कारण लोगों को दिनभर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

सुबह से ही तीखे हो रहे सूरज के तेवर

स्थानीय लोगों का कहना है कि सुबह सात बजे के बाद ही धूप का असर तेज महसूस होने लगता है. जैसे-जैसे दिन चढ़ता है, सूरज की तपिश और बढ़ जाती है. दोपहर तक गर्म हवाएं चलने लगती हैं, जिससे बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है. मजदूर, किसान, दुकानदार और दैनिक कार्यों के लिए घर से निकलने वाले लोग सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं. तेज धूप और लू के कारण लोगों की दिनचर्या भी प्रभावित हो रही है.

10 बजे के बाद सड़कों पर छा जाता है सन्नाटा

गर्मी का असर इस कदर बढ़ गया है कि सुबह 10 बजे के बाद बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की आवाजाही कम हो जाती है. सड़कें और गलियां लगभग खाली नजर आती हैं. लोग धूप और लू से बचने के लिए घरों में ही रहना बेहतर समझ रहे हैं. दोपहर के समय बाजारों में भी सामान्य दिनों की तुलना में काफी कम भीड़ देखी जा रही है.

इंसानों के साथ बेजुबान भी गर्मी से परेशान

भीषण गर्मी का असर केवल लोगों पर ही नहीं बल्कि पशु-पक्षियों पर भी दिखाई दे रहा है. पानी और छांव की तलाश में मवेशी इधर-उधर भटकते नजर आ रहे हैं. कई स्थानों पर पक्षी भी जलस्रोतों के आसपास मंडराते देखे जा रहे हैं. दोपहर के समय पेड़ों की छांव और तालाबों के आसपास पशुओं की संख्या बढ़ जाती है. ग्रामीणों का कहना है कि गर्मी बढ़ने के साथ बेजुबान जीवों की परेशानी भी बढ़ गई है.

ठंडे पेय पदार्थों और फलों की बढ़ी मांग

गर्मी से राहत पाने के लिए लोग ठंडे पेय पदार्थों का सहारा ले रहे हैं. जूस सेंटर, लस्सी, शरबत और ठंडे पेय की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ बढ़ गई है. इसके अलावा तरबूज, खीरा, ककड़ी और अन्य मौसमी फलों की मांग में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है. दुकानदारों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों में इन वस्तुओं की बिक्री में काफी इजाफा हुआ है. लोग शरीर को ठंडा रखने के लिए प्राकृतिक विकल्पों को प्राथमिकता दे रहे हैं.

चिकित्सकों ने दी सावधानी बरतने की सलाह

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक डॉ. दिनेश कुमार ने लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी है. उन्होंने पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, हल्के एवं सूती कपड़े पहनने तथा शरीर को हाइड्रेट रखने पर जोर दिया. साथ ही बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों का विशेष ध्यान रखने की अपील की है. चिकित्सकों का कहना है कि लू से बचाव के लिए सतर्कता ही सबसे प्रभावी उपाय है.

बारिश का इंतजार, गर्मी से राहत की उम्मीद

लगातार बढ़ती गर्मी और लू के कारण लोगों की चिंता बढ़ गई है. ग्रामीणों का कहना है कि समय पर अच्छी बारिश होने से ही इस भीषण गर्मी से राहत मिल सकती है. फिलहाल लोग आसमान की ओर टकटकी लगाए मानसून के आगमन का इंतजार कर रहे हैं, ताकि तपती धरती और परेशान जनजीवन को कुछ राहत मिल सके.

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