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बच्चों को एनीमिया के खतरे, उसके लक्षण व बचाव के उपाय की दी गयी जानकारी

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बच्चों को एनीमिया के खतरे, उसके लक्षण व बचाव के उपाय की दी गयी जानकारी

अठमनिया मध्य विद्यालय में किशोर-किशोरी स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

शंभुगंज. प्रखंड क्षेत्र के रामचुआ पंचायत अंतर्गत मध्य विद्यालय अठमनिया में शनिवार को किशोर-किशोरी स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत एक जागरूकता सत्र का सफल आयोजन किया गया. कार्यक्रम में लगभग 50 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया. बताया गया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किशोरों को एनीमिया (खून की कमी) के खतरे, उसके लक्षण, बचाव के उपाय और डब्ल्यूआईएफएस टैबलेट (आयरन और फॉलिक एसिड) के नियमित सेवन के प्रति जागरूक करना था. कार्यक्रम का संचालन प्रधानाध्यापक दिलीप कुमार के सहयोग और आशा सुलेखा देवी के सक्रिय मार्गदर्शन में हुआ. वहीं पिरामल फाउंडेशन से गांधी फेलो राधा ने इस कार्यक्रम में समन्वयक की भूमिका निभाई और यह सुनिश्चित किया कि सभी छात्र-छात्राओं तक सही जानकारी पहुंचे. कार्यक्रम में एनीमिया क्या होता है और इसके मुख्य कारण क्या हैं. शरीर में आयरन की कमी से थकावट, चक्कर आना और पढ़ाई में मन न लगना जैसे लक्षण हो सकते हैं. पिरामल फाउंडेशन के गांधी फेलो राधा ने बताया कि डब्ल्यूआईएफएस टैबलेट हर सप्ताह लेना क्यों जरुरी हैं. उन्होंने ने संतुलित आहार, हरी सब्जियां, गुड़, अनार, चना आदि के सेवन करने की सलाह दी. साथ ही आशा द्वारा उन परिवारों की पहचान की गयी जिनके घर में पांच वर्ष तक के छोटे बच्चे हैं. उन्हें जिंक की गोलियां और ओआरएस (ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन) वितरित की गयी तथा डायरिया से बचाव और प्राथमिक उपचार की जानकारी भी दी गयी. इस आयोजन से किशोर और किशोरियों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ी है और यह उम्मीद की जा रही है कि वे अब नियमित रूप से आईएफए टैबलेट का सेवन करेंगे और अपने परिवार में भी स्वास्थ्य संबंधी जानकारी साझा करेंगे. यह कार्यक्रम पिरामल फाउंडेशन और स्थानीय स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त प्रयास से यह पहल एक सफल और प्रेरणादायक उदाहरण बनी.

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