[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Rajya बिहार भगवान शंकर के इस मंदिर को कहा जाता है बिहार का बाबाधाम, 300 साल पुराना है इतिहास

भगवान शंकर के इस मंदिर को कहा जाता है बिहार का बाबाधाम, 300 साल पुराना है इतिहास

0
भगवान शंकर के इस मंदिर को कहा जाता है बिहार का बाबाधाम, 300 साल पुराना है इतिहास
बाबा गरीबनाथ का मंदिर

यूं तो देवाधिदेव महादेव के हजारों मंदिर आपकों देश भर में मिलेंगे. लेकिन उनके कुछ मंदिर बहुत ही प्रसिद्ध है. इसी में एक है बिहार के मुजफ्फरपुर में स्थित बाबा गरीबनाथ का मंदिर. जिन्हें बिहार का बाबाधाम भी कहा जाता है. यहां पूरे साल दूर-दूर से श्रद्धालु पूजा-अर्चना करने आते हैं. 

2025 01 03T182606.486
भगवान शंकर के इस मंदिर को कहा जाता है बिहार का बाबाधाम, 300 साल पुराना है इतिहास 3

बिहार के बाबाधाम के नाम से हैं प्रसिद्ध 

बताया जाता है कि जब से झारखंड बिहार से अलग हुआ, तब से सबसे अधिक श्रद्धालु सावन महीने में यहां आते हैं और पूजा अर्चना करते हैं. सावन के महीने में गरीबनाथ धाम श्रद्धालुओं के आस्था और श्रद्धा का केन्द्र रहा है. यहां आने वाले शिव भक्त ‘मनोकामनालिंग’ के तौर पर पूजा करते हैं. बताया जाता है यहां आने वाले सभी श्रद्धालुओं की मनोकामना पूर्ण करते हैं. यही कारण है कि बाब गरीबनाथ ‘मनोकामनालिंग’ के नाम से मशहूर हैं. सावन महीने में देवघर की तर्ज बाबा गरीबनाथ धाम में भी डाक बम लेकर जाते हैं और जलाभिषेक करते हैं. यहां पर कांवड़िया सोनपुर के पहलेज घाट से जल लेकर चलते हैं और 70 किमी दूरी तय कर बाब गरीबनाथ पर जलाभिषेक करते हैं. बताया जाता है कि यहां डाक बम गंगा जल लेकर महज 12 घंटे में बाब पर जलाभिषेक करते हैं.

बिहार की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें

300 साल पुराना है इतिहास   

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बाबा गरीबनाथ धाम का करीब तीन सौ साल पुराना इतिहास रहा है. मान्यता है कि पहले यहां पर घना जंगल था और इन जंगलों के बीच सात पीपल के पेड़ थे. बताया जाता है कि पेड़ की कटाई के समय खून जैसे लाल पदार्थ निकलने लगे और यहां से एक विशालकाय शिवलिंग मिला. लोग बताते हैं कि जमीन मालिक को बाब ने स्वपन में दर्शन दिया, तब से ही यहां पूजा-अर्चना हो रही है. 

इसे भी पढ़ें: BPSC Protest: 6 जनवरी को बिहार में फिर चक्का जाम करेंगे बीपीएससी अभ्यर्थी, छात्र संघ का ऐलान

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel