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मजदूरों के अधिकारों को किया जा रहा समाप्त

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मजदूरों के अधिकारों को किया जा रहा समाप्त

दाउदनगर. शहर के वार्ड छह स्थित नीलकोठी में बिहार राज्य निर्माण मजदूर यूनियन संबद्ध ऐक्टू के तत्वावधान में यूनियन के जिलाध्यक्ष बिरजू चौधरी के नेतृत्व में मजदूर दिवस मनाया गया.कार्यक्रम की शुरुआत मजदूरों के अधिकारों के लड़ाई में शहीद हुए शहीदों की याद में दो मिनट का मौन श्रद्धांजलि देकर हुई. झंडोतोलन यूनियन के जिलाध्यक्ष बिरजू चौधरी ने किया.शहीदों के बलि वेदी पर उनके सम्मान में रामाशीष राम ने माल्यार्पण किया और सभी उपस्थित मजदूरों ने बारी बारी से पुष्पांजलि अर्पित किया.जिलाध्यक्ष ने कहा कि आज के समय में कार्ल मार्क्स के द्वारा दिया हुआ नारा दुनियां के मजदूरों एक हों और उनके द्वारा लिखित पुस्तक दास कैपिटल में दी गई सिद्धांतें और कही गई बातें और प्रासंगिक होती जा रही है.19 वीं सदी के शुरुआती दौर में अमेरिका में उभरती फैक्ट्री व्यवस्था में मजदूरों से 18-20 घंटा काम लिया जाता था. तब मजदूरों ने अपनी मान-सम्मान के साथ जीने व आठ घंटा काम, आठ घंटा मनोरंजन और आठ घंटा आराम तथा सम्मानजनक मजदूरी और सम्मान जनक जिंदगी जीने के लिए औद्योगिक क्रांति किया था, जिसमें लाखों मजदूरों ने अपनी प्राणों की आहुति देकर उन साम्राज्यवादी सरकारों को चुनौती देकर 1886 में अपना अधिकार हासिल किया था. तब से लाल झंडा मजदूरों का प्रतीक बना.उन्होंने कहा कि आज देश में जब से भाजपा की सरकार आई है, तब से बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर द्वारा लिखित भारतीय संविधान के साथ छेड़- छाड़ कर अमेरिका द्वारा थोपी गयी नवउदारवादी नीति के तहत मजदूरों के अधिकारों को समाप्त किया जा रहा है. कोरोना महामारी में जब पूरे देश में त्राहिमाम था तो लॉक डाउन लगाकर आपदा में अवसर तलाश कर मजदूर विरोधी चार श्रम कोड बिल लाकर मजदूरों के अधिकारों को लूटने का काम किया गया.काम के घंटा आठ घंटे के बदले बारह घंटा करने का काम किया गया, जिसका नतीजा है कि आज देश के सभी औद्योगिक क्षेत्रों में गरीब-बेरोजगार,नौजवानों को बारह घंटा काम करना पड़ रहा है.उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि मोदी सरकार फूले,आंबेडकर, भगत सिंह सिंह के सपनों का भारत बनाने में बहुत बड़ा बाधक है. इसे कभी भी पूरा नहीं होने दिया जाएगा और मजदूरों का संघर्ष जारी रहेगा.मौके पर नगर कमिटी सदस्य महेन्द्र राम,जोखन राम,रंजीत कुमार, संजय कुमार, रामचंद्र चौहान,,गणेश कुमार, सुरेंद्र राम , रामलाल राम , मनोज पंडित, जय प्रकाश गोस्वामी, सद्दाम शेख, फकीरचंद राम, दशरथ राम,गोविंद राम, जमीला खातून, उपेंद्र राम, बिगन राम, अरविंद राम, अखिलेश कुमार, मिथलेश कुमार, जितेन्द्र राम आदि उपस्थित थे.वपच

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