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दुर्घटना संभावित बन चुकी है यह सड़क

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दुर्घटना संभावित बन चुकी है यह सड़क

एनएच 139 आवागमन के दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण

मुख्य कारण सड़क की सीमित चौड़ाई और बढ़ते ट्रैफिक बोझ को माना जाता

दाउदनगर. एनएच 139 का औरंगाबाद–पटना मुख्य मार्ग न केवल झारखंड और बिहार को जोड़ता है, बल्कि औद्योगिक, खनिज, वाणिज्यिक और आवागमन के दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है. ट्रकों और वाणिज्यिक वाहनों की आवाजाही लगातार बनी रहती है, जिससे ओबरा, दाउदनगर जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में दुर्घटना की संभावना रहती है. राजमार्ग की चौड़ाई लगभग सात मीटर है, जो ट्रैफिक के दबाव के लिए अपर्याप्त है. 2024 में किये गये ट्रैफिक सर्वे में इस मार्ग पर प्रतिदिन 18,077 पीसीयू दर्ज किये गये. लोग मानते हैं कि यह सड़क दुर्घटना संभावित बन चुकी है. इस सड़क पर एक ओर ट्रैफिक का बोझ बढ़ा है, वहीं दूसरी ओर भीषण जाम की समस्या भी व्याप्त है. प्रायः हर दिन औरंगाबाद से अरवल की सीमा ठाकुर बिगहा तक दुर्घटनाओं की घटनाएं होती हैं, जिसमें लोग गंभीर रूप से घायल होते हैं या जान गंवाते हैं. इसका मुख्य कारण सड़क की सीमित चौड़ाई और बढ़ते ट्रैफिक बोझ को माना जाता है.

फोरलेन की मांग और बाइपास बनाने की योजना

इस सड़क को फोरलेन करने की मांग को लेकर पहले भी आंदोलन किया जा चुका है. सड़क से जुड़े लोगों का कहना है कि यह मार्ग फोरलेन बनने के सभी मानकों को पूरा करता है. भारत सरकार द्वारा औरंगाबाद और दाउदनगर में बाइपास बनाने की योजना है, जिससे जाम की समस्या कुछ हद तक कम हो सकती है. लेकिन स्थानीय लोगों की मांग है कि सड़क का चौड़ीकरण तत्काल किया जाये, ताकि दुर्घटनाओं और जाम दोनों की समस्या का स्थायी समाधान हो सके.

बॉक्स बनाएं ::::: सांसद ने केंद्रीय मंत्री से एनएच 139 को फोरलेन बनाने की मांग की

लोकसभा में काराकाट सांसद राजाराम सिंह ने केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर औरंगाबाद–पटना रोड एनएच 139 को फोरलेन बनाने की मांग को मजबूती से रखा. उन्होंने केंद्रीय मंत्री को दिये ज्ञापन में कहा कि सड़क जाम, दुर्घटनाओं, बालू के निकास और भारी परिवहन के मद्देनजर राष्ट्रीय राजमार्ग 139 का चौड़ीकरण आवश्यक है. यह सड़क उनके क्षेत्र से होकर गुजरती है. ज्ञापन में सांसद ने कहा कि फोरलेनिंग की घोषणा पहले केंद्रीय मंत्री द्वारा गया जी की सभा में की गयी थी, लेकिन इसके बाद इसे स्थगित कर दिया गया. केंद्रीय मंत्री की घोषणा से इस क्षेत्र के लाखों लोगों के मन में खुशी और राहत की उम्मीद जगी थी, जो अब निराशा में बदल चुकी है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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