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तीन दोषियों को सश्रम आजीवन कारावास

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तीन दोषियों को सश्रम आजीवन कारावास

औरंगाबाद शहर. औरंगाबाद व्यवहार न्यायालय के एडीजे तीन सुनील कुमार सिंह ने रिसियप थाना कांड संख्या-88/20 में सजा के बिंदू पर सुनवाई करते हुए काराधीन तीन अभियुक्तों को सश्रम आजीवन कारावास का फैसला सुनाया है. अभियुक्तों में कुटुंबा निवासी सोनू कुमार, रिसियप निवासी भुपेश कुमार और बोधगया के नेवतापुर निवासी शत्रुघ्न पांडेय शामिल हैं. एपीपी चंद्रशेखर सिंह देव ने बताया कि 10 जुलाई को अभियुक्तों को भादंवि की धारा 364, 365, 302, 201 में दोषी करार दिया गया था. शुक्रवार को भादंवि की धारा 364 में सभी अभियुक्तों को सश्रम आजीवन कारावास तथा 50 हजार जुर्माना लगाया गया है. जुर्माना नहीं देने पर एक साल अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा होगी. भादंवि की धारा 365 में पांच साल साधारण कारावास तथा 10 हजार जुर्माना लगाया गया है. जुर्माना नहीं देने पर छह माह अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा होगी. भादंवि की धारा 302 में सश्रम आजीवन कारावास व 25 हजार रुपये जुर्माना का फैसला सुनाया गया है. जुर्माना नहीं देने पर एक साल साधारण कारावास की सजा भुगतनी होगी. वहीं धारा 201 में पांच साल साधारण कारावास तथा 10 हजार जुर्माना लगाया गया है. जुर्माना नहीं देने पर पांच माह की साधारण कारावास की सजा होगी. सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी. जुर्माना राशि पीड़िता सूचक को दी जायेगी. अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही ने बताया कि प्राथमिकी सूचक सड़सा निवासी शीला देवी ने 16 दिसंबर 2020 को प्राथमिकी दर्ज करायी थी, जिसमें कहा था कि सूचक के पुत्र राजीव रंजन सिंह की फिरौती के लिए अपहरण कर हत्या कर दी गयी थी. अनुसंधान के क्रम में अभियुक्त की निशानदेही पर घटना के 10 दिनों बाद सासाराम के डुगडुगियां पहाड़ से राजीव रंजन सिंह का शव बरामद किया गया था. अभियुक्तों पर 24 मार्च 2021 को आरोप पत्र समर्पित किया गया था.

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