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पीएचसी का भवन जर्जर, छत से टपक रहा पानी

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पीएचसी का भवन जर्जर, छत से टपक रहा पानी

ड्यूटी में रहने वाले चिकित्सकों व मरीजों को भी झेलनी पड़ती है परेशानी दाउदनगर. दाउदनगर-बारुण रोड में स्थित दाउदनगर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से दाउदनगर, ओबरा व बारुण प्रखंडों के गांवों के अलावा रोहतास जिले के नासरीगंज प्रखंड के गांवों को मिलाकर करीब डेढ़ से दो लाख की आबादी लाभान्वित होती है. ओपीडी में इलाज करने के लिए काफी संख्या में मरीज पहुंचते हैं. नियमित टीकाकरण भी होता है. इतने महत्वपूर्ण पीएचसी का भवन जर्जर स्थिति में है. नये भवन के निर्माण के लिए लगभग चार वर्षों से मांग व कवायद की जा रही है, लेकिन आज तक सिर्फ यह चर्चा तक ही सीमित है. प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के भवन की छत पूरी तरह जर्जर ही चुकी है. प्लास्टर टूटकर गिरते रहता है. चिकित्सकों के लिए कोई कमरा नहीं बना है, जिसके कारण ड्यूटी में रहने वाले चिकित्सकों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती है. विधानसभा के पिछले सत्र में 25 जुलाई को ओबरा विधायक ऋषि कुमार द्वारा गैर सरकारी संकल्प के माध्यम से इस पीएचसी के भवन के बारे में विधानसभा में मामला भी उठाया गया है.

डॉक्टरों के लिए कमरे का अभाव

एनएचआरएम के तहत बने एक बिल्डिंग के कमरे में नाइट ड्यूटी करने वाले डॉक्टर रहने को मजबूर हैं. इसमें भी बरसात में छत से पानी टपकता रहता है. इसमें चल रहे कार्यालय के कागजातों को भी सुरक्षित रख पाना मुश्किल है.

1963 में कराया गया था भवन का निर्माण

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के भवन का निर्माण लगभग छह दशक पहले यानी 1963 में कराया गया था, बाद के वर्षों में करीब दो दशक पहले भवन के निचले हिस्से का जीर्णोद्धार करते हुए रंग-रोगन कराया गया, लेकिन नये भवन का निर्माण नहीं कराया गया. आज भी पुराने भवन में ही ओपीडी से लेकर मरीज के वार्ड तक संचालित है. यहां तक कि महिला वार्ड और प्रसव कक्ष की स्थिति भी सही नहीं है. लगभग पांच-छह वर्षों से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के नये भवन बनवाने की मांग लगातार उठ रही है.

विभागीय स्तर पर कराया जा चुका है अवगत

सूत्रों से पता चला कि स्वास्थ्य विभाग के स्थानीय पदाधिकारियों द्वारा इस संबंध में पत्र व्यवहार भी किया गया है, लेकिन आज तक इस दिशा में कोई सकारात्मक पहल नहीं देखी जा रही है. सरकारी स्तर पर स्वास्थ्य व्यवस्था के साथ-साथ स्वास्थ्य केंद्रों के भवन को सुदृढ़ व व्यवस्थित बनाने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है, लेकिन, दाउदनगर पीएचसी इससे वंचित है. हाल के वर्षों में सरकारी स्तर पर स्वास्थ्य के क्षेत्र में कार्य तो किये गये, लेकिन इस पीएचसी के भवन की स्थिति में कोई बदलाव नहीं दिखा. प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ यतीन्द्र प्रसाद ने कहा कि पीएचसी के भवन की वास्तविक स्थिति से विभागीय स्तर पर अवगत कराया जा चुका है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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