[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार औरंगाबाद जिले में 83 प्रतिशत लोगों ने खायीं फाइलेरियारोधी दवाएं, नवीनगर ने हासिल किया शतप्रतिशत लक्ष्य

जिले में 83 प्रतिशत लोगों ने खायीं फाइलेरियारोधी दवाएं, नवीनगर ने हासिल किया शतप्रतिशत लक्ष्य

0
जिले में 83 प्रतिशत लोगों ने खायीं फाइलेरियारोधी दवाएं, नवीनगर ने हासिल किया शतप्रतिशत लक्ष्य

औरंगाबाद सदर. फाइलेरिया को जड़ से समाप्त करने के लिए फाइलेरियारोधी दवा सेवन के शत प्रतिशत आच्छादन सुनिश्चित करने के लिए के लिए सर्वजन दवा सेवन अभियान के बाद अब मॉप अप राउंड पर विशेष फोकस किया जा रहा है. जिलास्तर से लेकर प्रखंडस्तर तक सघन मॉनीटरिंग की जा रही है, ताकि दवा सेवन से वंचित या दवा खाने से इंकार करने वाले लोगों को फाइलेरियारोधी दवा का सेवन सुनिश्चित कराया जा सके. पांच मार्च से प्रारंभ मॉपअप राउंड 13 मार्च तक संचालित किया जायेगा. इस दौरान स्वास्थ्यकर्मी पुन: उन क्षेत्रों में जाकर लोगों को फाइलेरिया से बचाव की दवा खिला रहे हैं. जहां पहले अभियान के दौरान लोगों ने दवा लेने से इंकार कर दिया था या वंचित रह गये थे. इस राउंड में भी पूर्व की तरह लोगों में को फाइलेरिया के लक्षण, कारण और इससे बचाव के उपायों के बारे में भी जागरूक किया जा रहा है. इस संबंध में सिविल सर्जन डॉ कृष्ण कुमार ने बताया कि जिले का आच्छादन आइएचआइपी पोर्टल के अनुसार लगभग 95 प्रतिशत तक होना चाहिए, जबकि विश्व स्वास्थ्य संगठन की मॉनीटरिंग रिपोर्ट के आधार पर भी यह आंकड़ा 85 प्रतिशत से अधिक होना अनिवार्य है. इसे ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम को विशेष रूप से सक्रिय किया गया है, ताकि अभियान का लक्ष्य पूरी तरह हासिल किया जा सके.

छूटे हुए पात्र लाभुकों का दवा सेवन जरूरी:

सिविल सर्जन ने बताया कि फाइलेरिया से बचाव के लिए स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा दवा का सेवन कराया जा रहा है. आमजन से अपील की कि दवा सेवन जरूर करें, ताकि जिले से फाइलेरिया उन्मूलन शतप्रतिशत हो सके. फाइलेरिया उन्मूलन के उद्देश्य से राज्य सरकार के निर्देश पर जिले में 10 फरवरी से 28 फरवरी तक सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम चलाया गया था. जिले में इस अभियान के दौरान स्वास्थ्यकर्मियों ने सराहनीय कार्य करते हुए बड़ी संख्या में पात्र लाभार्थियों को अपने समक्ष फाइलेरियारोधी दवा का सेवन कराया, लेकिन कई क्षेत्रों में पात्र लाभुक के नहीं होने या किन्हीं कारणों से दवा सेवन से वंचित या इंकार करने वाले लाभुकों भी मिले. अब पुन: दवा का सेवन कराने के लिए स्वास्थ्यकर्मी उनके घर जा रहे हैं. इंकार करने वाले क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग द्वारा फाइलेरिया से जुड़ी भ्रांतियों व दवा के सुरक्षित होने पर सघन जागरूकता अभियान चलाया और उस क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों के माध्श्यम से दवा सेवन के लिए लोगों को समझाया बुझाया गया है. इसके बाद लाभार्थियों को चिह्नित करते हुए मॉप—राउंड के तहत फिर से दवा खिलाने का काम किया जा रहा है.

83 प्रतिशत से अधिक ने किया दवा का सेवन

स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त आंकड़े के अनुसार, जिले में फाइलेरियारोधी दवा सेवन अभियान में बड़ी संख्या में लोगों ने दवा का सेवन किया है. फाइलेरिया रोग पर तथा दवा सेवन कार्यक्रम पर जागरूकता अभियान की मदद से सामुदायिक सहभागिता बढ़ी है और लोगों ने दवा का सेवन किया है. आंकड़े के अनुसार लक्षित 23 लाख 54 हजार 848 में से अब तक 19 लाख 56 हजार 766 आबादी ने दवा का सेवन कर लिया है. यानि लक्ष्य का 83 प्रतिशत प्राप्त किया जा चुका है. सबसे बेहतर प्रदर्शन नबीनगर प्रखंड का है, जहां शतप्रतिशत लक्षित लाभार्थियों ने दवा का सेवन किया है. अन्य सभी प्रखंडों का प्रदर्शन भी बेहतर हैं जहां 95 प्रतिशत से अधिक लक्षित लाभार्थियों ने फाइलेरियारोधी दवा का सेवन किया है.

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel