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फाॅर्मर डांट चैट ऐप के तहत खेतिहरों की समस्या का होगा समाधान

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फाॅर्मर डांट चैट ऐप के तहत खेतिहरों की समस्या का होगा समाधान

औरंगाबाद/कुटुंबा. बुनियादी स्तर पर चैट वॉट एक कंप्यूटर प्रोग्राम है, जो मानव वार्तालाप का लिखित या मौखिक अनुकरण और प्रसंस्करण करता है. ये बातें डीएओ सह आत्मा परियोजना निदेशक राम ईश्वर प्रसाद ने कही. वे मंगलवार को आत्मा सभागार भवन औरंगाबाद में विस्तार योजना के तहत आयोजित कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि चैट वोट ऐप किसानों के लिए बहुत ही उपयोगी और कारगर साबित होने वाला है. एपीडी शालिग्राम सिंह ने बताया कि सरकार कृषि और बागवानी के बेहतरी के नित्य नये-नये प्रयोग कर रही है. इसके उपयोग से किसानों की समस्याओं का समाधान त्वरित गति से निकाला जा सकता है. उन्होंने बताया कि प्रशिक्षित बीटीएम और एटीएम संबंधित क्षेत्र में को-ऑर्डिनेटर और किसान सलाहकार को प्रशिक्षित कर उक्त ऐप के उपयोगिता के बारे में बतायेंगे. इसके हाथ ही किसानों के बीच इसका व्यापक रूप से प्रचार-प्रसार कर कृषि व्यवस्था को दुरूस्त करेंगे. कार्यशाला में डिजीटल ग्रीन ट्रस्ट के मास्टर ट्रेनर अलकेंद्र तिवारी और सुजीत पांडेय ने फार्मर डॉट चैट एप के बारे में अधिकारियों व कर्मियो को विस्तार से बताया. उन्होंने बताया कि चैट वोट कंप्यूटर से ज्यादा फास्ट चलता है. इससे किसानों के ऑनलाइन समस्या का समाधान होगा. किसान अपनी फसल का फोटो खिंचकर चैट वोट ऐप पर डाल सकते है. इसके अलावा क्या जानना चाहते हैं या उनका उद्देश्य क्या है उसे बोलकर या ऐप पर अपलोड कर सकते है. उन्होने बताया कि ऐप डवलप होने पर किसान इसका खुद से उपयोग करने लगेंगे. चैट वोट में डेटा जोड़ने की प्रक्रिया है, ताकि वोट उपयोग कर्ता के प्रश्नों को समझकर उसका सहजता से जवाब देकर उन्हें संतुष्ट कर सके. मास्टर ट्रेनर ने बताया कि ऐप के माध्यम से किसानों को घर बैठे कृषि से संबंधित नवीनतम तकनीक और पौधा संरक्षण संबंधी जानकारी प्राप्त होगी. इसके साथ ही कीट प्रबंधन, रोग प्रबंधन आदि के साथ-साथ विभिन्न फसल लगाने के लिए उपयुक्त समय का सटीक सुझाव प्राप्त होगा. उक्त ऐप किसान व कृषि विशेषज्ञ के लिए बहुत ही उपयोगी है. मौके पर बीएचओ रजनीश कुमार, करूणेश कुमार समेत सभी प्रखंड के बीटीएम और एटीएम मौजूद थे.

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