[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार औरंगाबाद प्रोजेक्ट व प्रयोग आधारित गतिविधियों से बच्चों को दें शिक्षा : डीइओ

प्रोजेक्ट व प्रयोग आधारित गतिविधियों से बच्चों को दें शिक्षा : डीइओ

0
प्रोजेक्ट व प्रयोग आधारित गतिविधियों से बच्चों को दें शिक्षा : डीइओ

प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग कार्यक्रम में सभी मध्य विद्यालयों की भागीदारी के लिए आयोजित हुआ कार्यक्रम औरंगाबाद शहर. प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग कार्यक्रम में सभी मध्य विद्यालयों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए औरंगाबाद में जिला स्तरीय उन्मुखीकरण सह कार्यशाला का आयोजन बुधवार को किया गया. कार्यशाला में सभी प्रखंड की टेक्निकल टीम के सदस्यों ने भाग लिया. कार्यशाला का उद्घाटन जिला शिक्षा पदाधिकारी सुरेंद्र कुमार और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी समग्र शिक्षा भोला कुमार कर्ण ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. टेक्निकल टीम को संबोधित करते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी ने कहा कि स्कूलों में प्रोजेक्ट आधारित और प्रयोग आधारित गतिविधि आयोजित कर बच्चों को जरूर सिखाएं. बच्चे जब प्रैक्टिकल कर स्वयं सीखते हैं, तो उनका यह सीखना स्थायी होता है. हमें ग्राउंड लेवल पर मेहनत और ईमानदारी से शिक्षण कार्य करना है. जो बच्चे प्रतिभशाली हैं, उनको आगे अवसर जरूर दें. जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ने कहा कि आप अपने प्रखंड में मध्य विद्यालय में विज्ञान, गणित पढ़ाने वाले शिक्षकों को टेक्निकल सपोर्ट दें और प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग कार्यक्रम को शत-प्रतिशत पूर्ण कराएं. मास्टर ट्रेनर मृदुला सिन्हा और शोभा कुमारी ने बताया कि कक्षा छह, सात और आठ में गणित और विज्ञान विषय का प्रोजेक्ट हर माह पूर्ण करना है. कुछ ऐसे शिक्षक हैं जो तकनीकी जानकारी के अभाव में प्रोजेक्ट कार्य पूर्ण नहीं कर पाते हैं. हमें ऐसे शिक्षकों को सपोर्ट कर प्रोजेक्ट को फाइनल सबमिट कराना है. प्रखंड टेक्निकल टीम को इंस्पायर अवार्ड के लिए आइडिया नॉमिनेशन कराने के लिए भी कहा गया. इंस्पायर अवार्ड के लिए कक्षा छह से 12वीं तक के बच्चों के विज्ञान से जुड़े आइडिया अपलोड किया जाता है. एक विद्यालय से पांच बच्चों का आइडिया अवार्ड के लिए अपलोड किया जाता है. स्कूल स्तर पर आइडिया सेलेक्ट होने पर बच्चे को 10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि मिलती है. सभी विद्यालयों से आइडिया अपलोड करना अनिवार्य है. प्रखंड टेक्निकल टीम प्रखंड में शिक्षकों की बैठक आयोजित कर यह सब जानकारी साझा करेगी. कार्यशाला को सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी सर्वेश कुमार सिंह, जिला टेक्निकल टीम के चंद्रशेखर प्रसाद साहू और राजीव रंजन सिंह ने भी संबोधित किया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel