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Home बिहार औरंगाबाद मांग नहीं माने जाने से कार्यपालक सहायकों में असंतोष, अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की तैयारी

मांग नहीं माने जाने से कार्यपालक सहायकों में असंतोष, अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की तैयारी

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मांग नहीं माने जाने से कार्यपालक सहायकों में असंतोष, अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की तैयारी

प्रतिनिधि, औरंगाबाद शहर.

सेवा नियमित व वेतन वृद्धि समेत विभिन्न मांगों पर सरकार की ओर से अब तक पहल नहीं किये जाने से कार्यपालक सहायकों में असंतोष है. बिहार राज्य कार्यपालक सहायक सेवा संघ अब आंदोलन की तैयारी कर रहा है. आंदोलन की घोषणा से पूर्व संघ स्तर पर सहमति पत्र लिया जा रहा है. संघ के जिलाध्यक्ष भूपेंद्र ठाकुर ने बताया कि पिछले 12 से 14 वर्षों से कार्यपालक सहायक अल्प मानदेय पर अपनी सेवा दे रहे हैं. सरकार के कंप्यूटराइजेशन व ऑनलाइन से जुड़े कार्य में तेजी आया है. सभी विभागों का डाटा अपडेट है. इसमें कार्यपालक सहायक की सबसे बड़ी भूमिका रही है. इसके बावजूद सरकार हमारी मांगों पर पहल नहीं कर रही है. उन्होंने बताया कि सैकड़ों कार्यपालक सहायक की उम्र 40 से 50 वर्ष के बीच में है. ऐसे में बच्चों की पढ़ाई, वृद्ध माता-पिता का इलाज, मकान किराया व अन्य घरेलू खर्च की जिम्मेदारियां बढ़ गयीं है. अल्प मानदेय में इन जिम्मेदारी को पूरा करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. हम बार- बार सरकार का ध्यान आकृष्ट कर रहे कर रहे हैं, परंतु मांगों पर किसी तरह का पहल नहीं की जा रही है. ऐसे में विभिन्न मांगों को लेकर राज्यस्तरीय संगठन द्वारा विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया है. आंदोलन की घोषणा करने के पूर्व सभी कार्यपालक सहायक से सहमति पत्र लिया जा रहा है. जिले के अधिकांश कार्यपालक सहायकों ने अपनी सहमति पत्र जमा किया है. जल्दी राज्य स्तर पर आंदोलन की घोषणा की जायेगी. इस क्रम में सभी कार्यपालक सहायक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जायेंगे.

ये हैं प्रमुख मांगें

कार्यपालक सहायक की 10 सूत्री मांगों में सेवा संवर्ग का गठन कर स्थायीकरण करते हुए राज्य कर्मी का दर्जा दिया जाना, स्वास्थ्य, कृषि, अपराध अनुसंधान विभाग, पुलिस विभाग में कार्यरत अनुबंध कर्मी के सेवा स्थायी की प्रक्रिया को अपनाते हुए कार्यपालक सहायक को भी सेवा स्थायी का लाभ दिया जाना, पूर्व में हटाये गये कार्यपालक सहायकों का समायोजन किया जाना, सेवा स्थायी होने तक पे-मैट्रिक्स के आधार पर वेतन निर्धारण किया जाना, पूर्व की हड़ताल की अवधि को अवकाश में समायोजित करते हुए मानदेय का भुगतान किया जाना, इपीएफ का आच्छादन नियुक्ति तिथि से किया जाना, चिकित्सा का लाभ दिया जाना, कार्यपालक सहायक के पद की योग्यता मैट्रिक से उन्नयन कर इंटरमीडिएट किया जाना, सेवा के दौरान मृत्यु होने पर आश्रित को अनुकंपा के तहत नौकरी दिया जाना और कार्यपालक सहायक की नियोजन प्रक्रिया पुन:शुरू करना शामिल है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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