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Home बिहार औरंगाबाद पर्यटन स्थलों का विकास और बुनियादी सुविधाओं पर जोर

पर्यटन स्थलों का विकास और बुनियादी सुविधाओं पर जोर

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पर्यटन स्थलों का विकास और बुनियादी सुविधाओं पर जोर

उमगा तालाब का सौंदर्यीकरण व पास में इको पार्क बनाने की तैयारी, डीएम करेंगी भ्रमण

औरंगाबाद शहर. पर्यटन क्षेत्र की समीक्षा में जिले के ऐतिहासिक, धार्मिक और प्राकृतिक स्थलों के समग्र विकास पर विशेष चर्चा की गयी. सड़क, प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता, पेयजल, शौचालय, विश्राम स्थल और सूचना पट्ट जैसी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और प्रचार-प्रसार पर बल दिया गया. इस क्रम में सामान्य शाखा प्रभारी ने अवगत कराया कि मदनपुर प्रखंड स्थित उमगा धाम में मंदिर के समीप लगभग 12 एकड़ क्षेत्रफल वाले सरकारी तालाब का सौंदर्यीकरण कर बोटिंग की सुविधा विकसित की जा सकती है. साथ ही तालाब के समीप स्थित 170 डिसमिल गैरमजरूआ आम भूमि पर इको पार्क अथवा चिल्ड्रेन पार्क का निर्माण कर पर्यटन को बढ़ावा दिया जा सकता है. कुटुंबा प्रखंड स्थित कल्पवृक्ष धाम के संबंध में बताया गया कि धाम तक पहुंचने वाली सड़क का निर्माण, पर्यटक आवास गृह की स्थापना, मंदिर परिसर का सौंदर्यीकरण और उपलब्ध भूमि पर पार्क एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जा सकता है. जिलाधिकारी ने इन स्थलों का शीघ्र स्थल भ्रमण कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कही.

नगर विकास, वन उत्पाद और उद्योग क्षेत्र पर निर्देश

नगर विकास से संबंधित विषयों पर चर्चा करते हुए स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करने, शहरी सौंदर्यीकरण, सड़क, नाला, प्रकाश व्यवस्था, जलापूर्ति और अन्य नागरिक सुविधाओं के सुधार के लिए आवश्यक निर्देश दिये गये. वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट योजना के अंतर्गत चिह्नित उत्पादों के उत्पादन, प्रसंस्करण, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और विपणन को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया. डीएम ने कहा कि इस योजना से स्थानीय कारीगरों, शिल्पकारों और उद्यमियों की आय बढ़ेगी और जिले को नयी पहचान मिलेगी. उद्योग एवं समग्र विकास से संबंधित समीक्षा में निवेश के अनुकूल वातावरण सृजित करने, लघु एवं कुटीर उद्योगों को प्रोत्साहित करने और स्वरोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए विभागवार कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिये गये.

लाभुकों की समस्याओं के समाधान और खेलकूद पर ध्यान

जिलाधिकारी ने प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना, मुख्यमंत्री उद्यमी योजना और बिहार लघु उद्यमी योजना के तहत लाभार्थियों की संख्या की समीक्षा की और महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र को निर्देश दिया कि वे लाभुकों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं और कठिनाइयों का समाधान सुनिश्चित करें. इसके अतिरिक्त महाप्रबंधक को जिले के स्थानीय कर्मियों एवं राज्य के बाहर कार्यरत कर्मियों की संख्या का आकलन कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गये. खेलकूद क्षेत्र में खेल अवसंरचना के विकास, खेल मैदानों और स्टेडियमों के सुदृढ़ीकरण, खिलाड़ियों के प्रशिक्षण और जिला एवं राज्य स्तर की खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन पर भी विस्तृत चर्चा हुई. जिलाधिकारी ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने, योजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा करने और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सतत निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिये. बैठक में उप विकास आयुक्त अनन्या सिंह, अपर समाहर्ता (विशेष शाखा), जिला जनसंपर्क पदाधिकारी रत्ना प्रियदर्शनी, जिला योजना पदाधिकारी अविनाश कुमार, निदेशक डीआरडीए अनुपम कुमार, जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी कुमार पप्पू राज, जिला नियोजन पदाधिकारी सोनू जायसवाल, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र मो अफान सहित अन्य जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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