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Home बिहार औरंगाबाद हत्या के मामलों में आश्रितों को मिली नौकरी

हत्या के मामलों में आश्रितों को मिली नौकरी

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हत्या के मामलों में आश्रितों को मिली नौकरी

जिला स्तरीय सतर्कता व अनुश्रवण समिति की बैठक संपन्न

जिले के 382 पीड़ितों को मुआवजे का भुगतान फोटो- 25- अधिकारियों के साथ बैठक करते डीएम.

प्रतिनिधि, औरंगाबाद शहर.

अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार (निवारण) अधिनियम 1989 के तहत पीड़ितों को न्याय और सहायता सुनिश्चित करने को लेकर बुधवार को कलेक्ट्रेट के सभाकक्ष में जिला स्तरीय सतर्कता एवं अनुश्रवण समिति की बैठक हुई. बैठक की संयुक्त अध्यक्षता जिलाधिकारी श्रीकांत शास्त्री व पुलिस अधीक्षक अंबरीष राहुल ने की. यह इस साल की दूसरी जिला स्तरीय सतर्कता एवं अनुश्रवण समिति की बैठक हुई. बैठक के दौरान जिला कल्याण पदाधिकारी अभिषेक कुमार ने जानकारी दी कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक कुल 382 पीड़ितों को दो करोड़ 90 लाख रुपये मुआवजा राशि का भुगतान किया जा चुका है. उन्होंने बताया कि जिले में पीड़ितों को समय पर सहायता देने की दिशा में प्रशासन पूरी संवेदनशीलता और तत्परता से कार्य कर रहा है. यह भी बताया गया कि हत्या से संबंधित 24 मामलों में मृतकों के आश्रितों को जून 2025 तक पेंशन की व्यवस्था सुनिश्चित कर दी गयी है. साथ ही पांच मामलों में मृतकों के परिजनों को सरकारी सेवा में परिचारी के पद पर नियुक्ति भी दी गयी है, जो प्रशासन की पीड़ित केंद्रित नीतियों की संवेदनशीलता का प्रमाण है.

बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि अत्याचार अधिनियम के प्रावधानों का प्रभावी क्रियान्वयन तभी संभव है, जब सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि पीड़ितों को राहत, पुनर्वास एवं न्याय समय पर उपलब्ध हो, इसके लिए सभी स्तरों पर सतत अनुश्रवण व त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाये.

पीड़ितों को सुरक्षा प्रदान की जाये

पुलिस अधीक्षक ने कहा कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के खिलाफ किसी भी प्रकार के अत्याचार की घटनाओं पर प्रशासन पूरी गंभीरता से नजर बनाये है. उन्होंने संबंधित थानों को ऐसे मामलों में प्राथमिकी दर्ज कर त्वरित अनुसंधान करने तथा पीड़ितों को सुरक्षा प्रदान करने की बात कही. बैठक में कुटुंबा विधायक के प्रतिनिधि, विशेष लोक अभियोजक (एससी-एसटी एक्ट), जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी जयप्रकाश नारायण, कोषागार पदाधिकारी महंथ स्वरूप, समिति सदस्यग मधेश्वर पासवान, राजेश्वर पासवान समेत अन्य अधिकारी व जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे. बैठक में यह संकल्प लिया गया कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति के नागरिकों को सम्मान, न्याय एवं सुरक्षा दिलाने की दिशा में जिला प्रशासन पूरी तत्परता और संवेदनशीलता से कार्य करता रहेगा. पीड़ितों को ससमय सहायता मिले, यह शासन की प्राथमिकता है. इसे जमीनी स्तर पर लागू करना हम सबकी जिम्मेदारी है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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