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जून में होगा समकालीन जवाबदेही के संस्मरण विशेषांक का लोकार्पण

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जून में होगा समकालीन जवाबदेही के संस्मरण विशेषांक का लोकार्पण

औरंगाबाद शहर. शहर के ओवरब्रिज के समीप सोमवार को साहित्यिक संस्था समकालीन जवाबदेही परिवार की बैठक की गई. शिक्षक चंदन पाठक के आवास पर आयोजित बैठक की अध्यक्षता जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष डॉ सिद्धेश्वर प्रसाद सिंह ने की. संचालन शब्दाक्षर के जिलाध्यक्ष नागेंद्र केसरी ने किया. बैठक में सदस्यों ने विचार व्यक्त किये एवं समकालीन जवाबदेही के संस्मरण विशेषांक के प्रकाशन में विशेष सहयोग देने का संकल्प लिया. बैठक की शुरुआत समकालीन जवाबदेही पत्रिका के प्रधान संपादक डॉ सुरेंद्र प्रसाद मिश्र के विचार विमर्श किया. कहा कि संस्मरण विशेषांक में राष्ट्रीय स्तर के साहित्यकारों की रचनाएं संलग्न है. संस्मरण विशेषांक को सुसज्जित करने में इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रो डॉ कुमार वीरेंद्र ने महती भूमिका निभायी. पत्रिका के टंकण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. प्रकाशन के अंतिम चरण में इस पत्रिका का लोकार्पण जून के अंतिम सप्ताह में होने की संभावना है. शब्दाक्षर के राष्ट्रीय प्रचार मंत्री धनंजय जयपुरी ने पत्रिका की वर्तमान वस्तु स्थिति पर चर्चा करते हुए कहा कि यह पत्रिका 450 पृष्ठ की है एवं इसका कलेवर आकर्षक बनाया गया है. ज्योतिर्विद शिवनारायण सिंह, शिक्षक नेता रामभजन सिंह, डॉ संजीव रंजन, अधिवक्ता सिद्धेश्वर विद्यार्थी, कवि रामकिशोर सिंह, केडी पांडेय, शिक्षक उज्जवल रंजन, नारायण मिश्रा, अवकाश प्राप्त दारोगा मुरलीधर पांडेय, सिंहेश सिंह, लालदेव प्रसाद, पूर्व बीईओ सुमन अग्रवाल, पुरुषोत्तम पाठक, अलखदेव सिंह, कवि विनय मामूली बुद्धि, अवकाश प्राप्त प्रो डॉ शिवपूजन सिंह, डॉ रामाधार सिंह, ओम प्रकाश पाठक, रामानुज सिंह, शिक्षक धर्मेंद्र सिंह, धीरज पाठक, मीडिया प्रभारी सुरेश विद्यार्थी आदि मौजूद थे.

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