[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार औरंगाबाद महिलाओं की दशा सुधरी, पर अभी संघर्ष की जरूरत : एसडीपीओ

महिलाओं की दशा सुधरी, पर अभी संघर्ष की जरूरत : एसडीपीओ

0
महिलाओं की दशा सुधरी, पर अभी संघर्ष की जरूरत : एसडीपीओ

गोह. महिलाओं की दशा पिछले कुछ दशकों में बहुत सुधरी है. फिर भी कभी उनको अपना समुचित अधिकार हासिल करने के लिए लगातार संघर्ष की जरूरत है. यह अच्छी बात है कि महिलाओं को लेकर समाज में जागरूकता बढ़ी है. ये बातें दाउदनगर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी कुमार ऋषिराज ने कहीं. वे बुधवार को हसपुरा के डिंडिर गांव में अंजली सेवा संस्थान द्वारा आयोजित अंजलि की 15वीं पुण्यतिथि समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे. एसडीपीओ ने कहा कि समाज अपने बच्चों पर नजर रखे. किशोर और युवा बहुत तेजी से नशे की चपेट में आ रहे हैं. यह समाज के लिए बहुत घातक है. उन्होंने इसे रोकने के लिए समाज से पुलिस की मदद करने की अपील की. समारोह में पूर्व विधायक रणविजय कुमार ने कहा कि सोच को विकसित करने की जरूरत है. कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रो अलखदेव प्रसाद अचल ने बताया कि अंजलि स्थानीय पत्रकार मणिकांत पांडेय की मेधावी बेटी थी. उसकी 11 साल की उम्र में बीमारी से असमय मृत्यु हो गयी थी. उसकी यादों को जिंदा रखने के लिए और किशोरियों-महिलाओं में जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रतिवर्ष कार्यक्रम आयोजित किया जाता है. इधर, संस्थान के संरक्षक और वरिष्ठ पत्रकार सुधीर सिंह ने कहा कि वर्तमान युग में महिलाओं के लिए किसी भी युग से अधिक नौकरी, रोजगार और अपनी पहचान बनाने के अवसर हैं. समारोह के मुख्य आकर्षण रहे आराध्या ग्लोबल पब्लिक स्कूल उपहारा के बच्चे. बच्चों ने अपनी कला और मेधा का प्रदर्शन करते हुए एक से बढ़कर एक मनमोहक और अर्थपूर्ण प्रस्तुति दी. समारोह के दौरान संस्थान द्वारा एसडीपीओ कुमार ऋषिराज, पूर्व विधायक रणविजय कुमार और आराध्या ग्लोबल स्कूल के निदेशक धर्मेंद्र कुमार को मोमेंटो व शॉल देकर सम्मानित किया गया. कार्यक्रम का संचालन संस्थान के कोषाध्यक्ष शंभू शरण सत्यार्थी व धन्यवाद ज्ञापन सचिव मणिकांत पांडेय ने किया. समारोह को जिला पार्षद प्रतिनिधि अखलाक खान, विजय कुमार अकेला, पैक्स अध्यक्ष सतीश शर्मा, समाजसेवी डॉ आरयू कुमार आदि ने भी संबोधित किया. मौके पर सिकंदर पासवान, अमरेंद्र कुमार, रामविनय सिंह, मंटू पांडेय, ओमप्रकाश पांडेय, अमर पाठक, जय मिश्रा, मोनू कुमार, मुन्ना कुमार, अशोक कुमार, गोलू कुमार, गनौरी राम, अजीत भगत, पुटूश कुमार, दिलीप गोस्वामी, रविरंजन मल्होत्रा आदि मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel