देव. ढिबरा थाना परिसर में पुलिस अधीक्षक अंबरीश राहुल ने जनता दरबार का आयोजन कर आम लोगों की फरियाद सुनी. इस दौरान थाना क्षेत्र के विभिन्न गांवों से तीन दर्जन के करीब फरियादी पहुंचे. जनता दरबार में अधिकांश मामले भूमि विवाद से संबंधित थे, जिन पर एसपी ने गंभीरता से सुनवाई की और कई मामलों का मौके पर ही (ऑनस्पॉट) निबटारा कराया. इससे फरियादियों को त्वरित राहत मिली और पुलिस प्रशासन के प्रति उनका भरोसा और मजबूत हुआ.जनता दरबार के दौरान एसपी अंबरीश राहुल ने एक-एक फरियादी की समस्या को ध्यानपूर्वक सुना और संबंधित अभिलेखों व तथ्यों की जांच कर आवश्यक निर्देश दिये. जिन मामलों का तत्काल समाधान संभव था, उन्हें वहीं निपटाया गया. वहीं, कुछ जटिल मामलों में संबंधित पुलिस पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिये गये कि वे समयबद्ध तरीके से निष्पक्ष जांच कर समाधान सुनिश्चित करें, ताकि फरियादियों को बार-बार थाना का चक्कर न लगाना पड़े.एसपी ने कहा कि भूमि विवाद के मामलों में पुलिस की भूमिका संवेदनशील होती है, इसलिए सभी पदाधिकारी कानून के दायरे में रहकर निष्पक्ष कार्रवाई करें. किसी भी पक्ष के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए. उन्होंने फरियादियों से भी अपील की कि वे आपसी विवादों को बातचीत के माध्यम से सुलझाने का प्रयास करें और कानून को अपने हाथ में न लें.जनता दरबार के बाद एसपी अंबरीश राहुल ने ढिबरा थाना का निरीक्षण भी किया. निरीक्षण के क्रम में उन्होंने थाना में संधारित अभिलेखों, लंबित कांडों, अनुसंधान की प्रगति एवं विधि-व्यवस्था से जुड़े मामलों की समीक्षा की.इस दौरान अनुसंधानकर्ताओं को निर्देश दिया गया कि सभी कांडों में साक्ष्य के आधार पर त्वरित और गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान करें तथा अनावश्यक रूप से मामलों को लंबित न रखें. थानाध्यक्ष को भी एसपी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि थाना क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए नियमित गश्ती, फरियादियों के साथ संवेदनशील व्यवहार और शिकायतों के त्वरित निपटारे को प्राथमिकता दें. साथ ही, आम लोगों से बेहतर समन्वय बनाकर पुलिस और जनता के बीच विश्वास को और मजबूत करें. ज्ञात हो कि एसपी के जनता दरबार से फरियादियों को तत्काल राहत मिल रही है. यू कहे कि जनता दरबार का सार्थक परिणाम भी निकल रहा है. वैसे भी जनता दरबार से ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस प्रशासन की सक्रियता का संदेश गया है और लोगों को न्याय मिलने की उम्मीद और भरोसा बढ़ा है.