Aurangabad News : कुटुंबा प्रखंड क्षेत्र के अंबा–नवीनगर मुख्य पथ से होकर कुटुंबा बिचला मोड़ से माली मार्ग पर इन दिनों लगातार भारी वाहनों का परिचालन किया जा रहा है. इस अनियंत्रित परिचालन से स्थानीय ग्रामीणों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. जब से दोमुहान पुल क्षतिग्रस्त हुआ है, तब से स्टोन (पत्थर) लेकर हाईवा और 20 चक्के से लेकर 22 चक्के तक के भारी ट्रक व टेलर देवरिया, चितांवन बिगहा, चरण बाजार होते हुए सिरिस जीटी रोड तक पहुंच रहे हैं.
सड़क टूटने से राहगीर परेशान
इस कारण ग्रामीण सड़क की स्थिति तेजी से बिगड़ती जा रही है. अनवरत भारी वाहनों के आवागमन के कारण यह सड़क कई स्थानों पर टूटकर पूरी तरह बिखरने लगी है. संकीर्ण (पतले) मोड़ों पर अक्सर भीषण जाम की स्थिति बन जाती है, जिससे बाइक और अन्य छोटे वाहनों के चालकों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है.
निर्धारित रूट की हो रही अनदेखी
इस रूट डायवर्जन से सबसे अधिक परेशानी गोवास, चितांवन गांव और देवरिया के ग्रामीणों को हो रही है. देवरिया के उमेश यादव, गोवास के शिवपूजन सिंह व अरुण सिंह, सरपंच अभिमन्यु मेहता, विशुनपुर गांव के मुकेश पांडेय और रवि कुमार ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा निर्धारित रूट की अनदेखी कर भारी वाहन चालक जानबूझकर इस ग्रामीण मार्ग का उपयोग कर रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि संबंधित विभाग की घोर अनदेखी के कारण यह समस्या दिन-प्रतिदिन और गंभीर होती जा रही है.
10 टन क्षमता वाली सड़क पर 80 टन तक की ढुलाई
ग्रामीण कार्य विभाग (RWD) के अधिकारियों के अनुसार, इस ग्रामीण सड़क की अधिकतम भार क्षमता केवल 10 टन है, जबकि वर्तमान में इस पर 70 से 80 टन तक माल लदे भारी ट्रक बेधड़क गुजर रहे हैं. इससे सड़क के पूरी तरह से क्षतिग्रस्त होकर नष्ट होने की आशंका बढ़ गई है. ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से अविलंब भारी वाहनों के परिचालन पर रोक लगाने तथा उनके लिए वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था करने की मांग की है.
प्रशासन की अनदेखी से रोष
ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि पुलिस प्रशासन और आरईओ (REO) के अधिकारी इस गंभीर जन-समस्या के प्रति अपेक्षित संवेदनशीलता नहीं दिखा रहे हैं. इधर, पूर्व पंसस कृष्णानंद पांडेय, पूर्व सरपंच अर्जुन सिंह आदि ने जिला प्रशासन का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराते हुए समस्या से जल्द निजात दिलाने की मांग की है.
सड़क अवरुद्ध होने से बढ़ी परेशानी
बता दे कि गोवास पासवान मुहल्ला के पास एक बिजली का पोल रखकर लगभग 100 मीटर की दूरी तक सड़क के दोनों किनारे ईंट और भट्टी डालकर आवागमन को आंशिक रूप से अवरुद्ध कर दिया गया है. यह पथ जीटी रोड से बारुण–नवीनगर और कुटुंबा संडा होते हुए पड़ोसी राज्य झारखंड को जोड़ता है. इस संबंध में पूछे जाने पर ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता अरुण कुमार ने बताया कि संडा–कुटुंबा पथ की भार क्षमता 10 टन से अधिक बिल्कुल नहीं है.
कार्यपालक अभियंता बोले- रोक के लिए पुलिस को लिखेंगे पत्र
बरसात के दिनों में इतने भारी मालवाहक वाहनों के गुजरने से सड़क पूरी तरह खराब हो सकती है. उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था में सहयोग के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन को पत्र लिखकर इस मार्ग पर भारी वाहनों के परिचालन पर पूरी तरह रोक लगायी जायेगी.
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