Aurangabad News: झारखंड के चौपारण थाना क्षेत्र के देवचंदा मोड़ से करीब 30 घंटे पहले लापता आशीष यादव उर्फ दीपक बदहवास हालत में घर पहुंच गया. लेकिन, उसके गले पर गहरे दाग और मानसिक घबराहट की स्थिति को लेकर पूरे इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गयी हैं. आशीष यादव उर्फ दीपक (28 वर्ष) औरंगाबाद जिले के फेसर थाना क्षेत्र के मौलानगर गांव का रहने वाला है. घर पहुंचने के बाद जब तक वह अपनी आपबीती सुना पाता, उससे जुड़ा एक बेहद चौंकाने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया.
गला दबाने का वीडियो वायरल
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में कथित तौर पर दावा किया जा रहा है कि कुछ असामाजिक तत्व चलती गाड़ी में उसका गला दबा रहे हैं. वीडियो के दृश्यों में एक व्यक्ति को उसका गला दबाते, दूसरा उसके पैर पकड़ते और तीसरा व्यक्ति उसके दोनों हाथ बेरहमी से पकड़ते हुए दिखाया जा रहा है. इस खौफनाक हरकत के दौरान वाहन का चालक पुलिस और कानून से बेखौफ होकर तेज आवाज में गाना बजाते हुए गाड़ी चला रहा है. हालांकि, प्रभात खबर इस वायरल वीडियो की सत्यता की आधिकारिक पुष्टि नहीं करता है.
मंदिर से लौटने के दौरान लापता
पारिवारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, दीपक अपने सगे चाचा और कुछ स्थानीय जान-पहचान के लोगों के साथ चार पहिया वाहन से झारखंड के प्रसिद्ध रजरप्पा मंदिर में पूजा-अर्चना करने गया था. तीन जुलाई को मंदिर में दर्शन करने के बाद सभी लोग वापस औरंगाबाद लौट रहे थे, इसी दौरान चौपारण के समीप दीपक अचानक संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया और बाकी लोग वापस घर लौट आये. इसके बाद काफी खोजबीन करने पर जब वह नहीं मिला, तो चिंतित परिजनों ने चौपारण थाना में उसकी गुमशुदगी की लिखित रिपोर्ट दर्ज करायी थी.
एक साथ दो वीडियो वायरल
पांच जुलाई को अचानक दीपक किसी तरह अपने घर पहुंच गया, जिससे परिजनों ने राहत की सांस ली. हालांकि उसके गले पर चोट के निशान और उसकी गंभीर मानसिक स्थिति को लेकर कई गहरे सवाल खड़े हो गये हैं. इसी बीच रविवार को सोशल मीडिया पर एक साथ दो वीडियो वायरल हुए. एक वीडियो में कुछ लोग गाड़ी के भीतर शराब पार्टी करते दिख रहे हैं, जबकि दूसरे वीडियो में दीपक के साथ कथित अमानवीय व्यवहार और प्रताड़ना का दावा किया गया है.
जांच में जुटी स्थानीय पुलिस
इस पूरे घटनाक्रम के बारे में स्थानीय मुखिया ब्रजमोहन यादव ने बताया कि दीपक सुरक्षित वापस लौट आया है, जो राहत की बात है. वहीं उसके सगे भाई शंकर ने कहा कि दीपक अभी बहुत डरा हुआ है, इसलिए अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है कि असल में उसके साथ क्या हुआ था. इधर, घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए फेसर थाना पुलिस वायरल फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले की गहराई से जांच में जुट गयी है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पीड़ित के पूरी तरह सामान्य होने पर उसका बयान दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
