[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार औरंगाबाद बॉटम :::: बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत चलेगा जागरूकता अभियान

बॉटम :::: बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत चलेगा जागरूकता अभियान

0
बॉटम :::: बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत चलेगा जागरूकता अभियान

सौ दिन के अभियान को लेकर प्रधान जिला जज ने बैठक कर दिये प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश

औरंगाबाद शहर. जिले में बाल विवाह मुक्त भारत कैंपेन के लिए 100 दिवसीय गहन जागरूकता अभियान चलाया जायेगा. बुधवार को इससे संबंधित गठित समिति के सदस्यों के साथ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने अपने प्रकोष्ठ में बैठक की. बैठक में अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये. इस अभियान को सफल बनाने के लिए सभी स्टेकहोल्डर की भूमिका सुनिश्चित की गयी है. बैठक में डीएम द्वारा नामित उपसमाहर्ता उपेंद्र पंडित, बाल विवाह निषेध अधिकारी, सह अनुमंडल पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी, विशेष किशोर पुलिस इकाई अधिकारी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, विशेष चिकित्सा अधिकारी (महिला) डॉ रुचि, विनोद कुमार सिंह सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे. प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने बताया कि यह केंद्र सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा शुरू की गयी एक राष्ट्रीय एवं महत्वाकांक्षी पहल है. इसका मुख्य उद्देश्य देश से बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई को जड़ से समाप्त करना और बच्चों, विशेषकर बालिकाओं के अधिकारों की रक्षा करना है. उन्होंने बताया कि बाल विवाह मुक्त भारत पोर्टल 1098 लॉन्च किया गया है. यदि कहीं बाल विवाह की जानकारी मिलती है तो कोई भी नागरिक इसकी सूचना दे सकता है. इस पोर्टल के माध्यम से बाल विवाह निषेध अधिकारियों द्वारा मामलों की रियल टाइम ट्रैकिंग की जाती है. महिला एवं बाल विकास मंत्रालय एवं राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संयुक्त रूप से यह बृहद कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है. इसके तहत 100 दिवसीय गहन जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है. निर्धारित अवधि में देश को बाल विवाह मुक्त करने का संकल्प लिया गया है. विभिन्न जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से समाज में बाल विवाह के खिलाफ शून्य सहनशीलता की भावना विकसित की जायेगी. प्रधान जिला जज ने सभी स्टेकहोल्डर से इस अभियान को सफल बनाने के लिए हर स्तर से पहल करने, सतत निगरानी रखने तथा व्यापक प्रचार-प्रसार और जन जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि लोग अपनी समस्याओं के समाधान के लिए ऑनलाइन शिकायत भी दर्ज करा सकते हैं.

निगरानी व जागरूकता की आवश्यकता : सचिव

हसपुरा, ओबरा, गोह एवं दाउदनगर प्रखंड की आंगनबाड़ी सेविकाओं का प्रशिक्षण शिविर जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सभागार में आयोजित किया गया. इस दौरान आंगनबाड़ी सेविकाओं ने बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के विरुद्ध सामूहिक शपथ ली. बताया गया कि जिले के सभी प्रखंडों की आंगनबाड़ी सेविकाओं का प्रशिक्षण सत्र पूर्ण कर लिया गया है. प्रशिक्षण सत्र में जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव तान्या पटेल, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी एकीकृत बाल विकास सेवा योजना विनय प्रताप, कानूनी सहायता प्रतिरक्षा परामर्शदाता प्रणाली के मुख्य बचाव अधिवक्ता युगेश किशोर पांडेय, उप मुख्य बचाव अधिवक्ता अभिनंदन कुमार एवं पैनल अधिवक्ता स्नेहलता ने अलग-अलग सत्रों में सेविकाओं को प्रशिक्षण दिया. सचिव तान्या पटेल ने कहा कि बाल विवाह की रोकथाम के लिए निरंतर निगरानी और व्यापक जन जागरूकता अत्यंत आवश्यक है. आंगनबाड़ी सेविकाएं इस दिशा में जमीनी स्तर पर अहम भूमिका निभा सकती हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel