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Home बिहार अरवल अरवल के अस्पतालों में व्यवस्था फेल: इलाज के साथ पानी के लिए भी जंग, बूंद-बूंद पानी के लिए तरसते मरीज

अरवल के अस्पतालों में व्यवस्था फेल: इलाज के साथ पानी के लिए भी जंग, बूंद-बूंद पानी के लिए तरसते मरीज

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अरवल के अस्पतालों में व्यवस्था फेल: इलाज के साथ पानी के लिए भी जंग, बूंद-बूंद पानी के लिए तरसते मरीज
ख़राब पानी टैंक की तस्वीर

Bihar News: अरवल में भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप के बीच सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुर्था में पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं रहने से मरीजों और उनके परिजनों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. इलाज कराने आने वाले लोगों को अस्पताल परिसर में पीने का साफ पानी नहीं मिल पा रहा है, जिसके कारण उन्हें इधर-उधर भटकना पड़ रहा है.

15 दिनों से खराब पड़ा है आरओ मशीन

जानकारी के अनुसार, अस्पताल में लगा आरओ मशीन पिछले करीब 15 दिनों से खराब पड़ा हुआ है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि अब तक इसे ठीक कराने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है. गर्मी बढ़ने के साथ स्थिति और गंभीर होती जा रही है। मरीजों को मजबूरी में बाजार से बोतलबंद पानी खरीदना पड़ रहा है, जबकि कुछ लोग आसपास के घरों से पानी लाकर प्यास बुझा रहे हैं.

दो चापाकल भी नहीं दे पा रहे पर्याप्त पानी

अस्पताल परिसर में दो चापाकल मौजूद हैं, लेकिन दोनों से पर्याप्त पानी नहीं निकल रहा है. इससे अस्पताल में भर्ती मरीजों, उनके परिजनों और अन्य लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है. लोगों का कहना है कि अस्पताल जैसी जरूरी जगह पर पेयजल की ऐसी स्थिति बेहद चिंताजनक है.

भीषण गर्मी में बढ़ी मुश्किलें

गर्मी के कारण अस्पताल में आने वाले मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है. ऐसे में साफ पेयजल की कमी लोगों की परेशानी को और बढ़ा रही है. स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए जल्द समाधान करना चाहिए.

स्थायी व्यवस्था की उठी मांग

मरीजों और स्थानीय लोगों ने अस्पताल प्रशासन से आरओ मशीन को जल्द ठीक कराने और स्थायी पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है. लोगों का कहना है कि अस्पताल में पानी जैसी बुनियादी सुविधा की कमी प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाती है.

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मैं रागिनी शर्मा वर्तमान में पटना स्थित प्रभात खबर डिजिटल की टीम के साथ कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हूं. यहां मैं बिहार के विभिन्न जिलों से जुड़ी अहम खबरों, राजनीतिक-सामाजिक मुद्दों और ट्रेंडिंग विषयों पर काम कर रही हूं. मेरा उद्देश्य हर खबर को सरल, सटीक और प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करना है, ताकि पाठक न सिर्फ जानकारी प्राप्त करें बल्कि उससे जुड़ाव भी महसूस करें और डिजिटल पत्रकारिता को और अधिक सार्थक बनाया जा सके. पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान ही मैंने प्रिंट और डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. अपने कॉलेज के समय में हिंदुस्तान के साथ इंटर्नशिप के दौरान मुझे पहली बार वेब पोर्टल पर खबर लिखने और डिजिटल न्यूज राइटिंग का व्यावहारिक अनुभव मिला. इसी दौरान मैंने न्यूज़ लेखन, हेडलाइन स्ट्रक्चर और डिजिटल स्टोरी प्रेजेंटेशन की बुनियादी समझ विकसित की. इसके बाद वर्ष 2025 में पत्रकारिता में ग्रेजुएशन पूरा करने के साथ ही मैंने अपने प्रोफेशनल करियर की शुरुआत की. डिजिटल मीडिया में मेरी पहली भूमिका फर्स्ट बिहार झारखंड के साथ रही, जहाँ मैंने एंकरिंग और ग्राउंड रिपोर्टिंग के माध्यम से बिहार के जमीनी मुद्दों को कवर किया. इस दौरान मैंने राज्य की राजनीति, सामाजिक सरोकारों और आम जनता से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर सक्रिय रूप से रिपोर्टिंग की.
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