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Home बिहार आरा सदर अस्पताल की जमीन पर बनाया एनजीओ का कार्यालय, शादी-विवाह के लिए की जा रही बुकिंग

सदर अस्पताल की जमीन पर बनाया एनजीओ का कार्यालय, शादी-विवाह के लिए की जा रही बुकिंग

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सदर अस्पताल की जमीन पर बनाया एनजीओ का कार्यालय, शादी-विवाह के लिए की जा रही बुकिंग

आरा.

सदर अस्पताल की जमीन पर एक एनजीओ लावारिस सेवा केंद्र द्वारा अतिक्रमण कर अपना कार्यालय बनाया गया है. वर्षों से बने इस कार्यालय पर अभी तक ना तो सदर अस्पताल प्रशासन और ना ही जिला प्रशासन कार्रवाई कर पाया है. इस संबंध में पूछे जाने पर सिविल सर्जन डॉ शिवेंद्र कुमार सिन्हा, एसीएमओ डॉ केएन सिन्हा और प्रबंधक शशि कुमार ने अपने दायित्व से पाला झाड़ते हुए एक दूसरे पर इसकी जिम्मेवारी सौंप दी. वहीं प्रभारी उपाधीक्षक डॉ अरुण कुमार ने फोन उठाना भी मुनासिब नहीं समझा. जबकि सदर अनुमंडल पदाधिकारी रश्मि सिन्हा ने कहा कि सिविल सर्जन से रिपोर्ट मांगी गयी है. रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जायेगी. ऐसे में सरकार के अतिक्रमण विरोधी अभियान एवं मरीजों की सुविधा तथा उनके स्वास्थ्य का क्या होगा ? फिर मरीजों के स्वास्थ्य लाभ के लिए कौन जिम्मेवार है ? यह बड़ा सवाल उठ रहा है.

सदर अस्पताल के विकास के लिए अभी भी है जमीन की आवश्यकता :

सदर अस्पताल के विकास एवं मरीजों की सुविधा के लिए कई नये वार्ड एवं भवन बनाने की आवश्यकता है. इसके लिए जमीन की आवश्यकता है. ऐसा नहीं है कि सदर अस्पताल परिसर में जमीन की कमी है, पर सदर अस्पताल की जमीन पर एनजीओ के कार्यालय से सदर अस्पताल प्रबंधन को भी नये भवन बनाने की आवश्यकता हुई, तो परेशानी होगी.

कार्यक्रमों की होती है बुकिंग :

लावारिस सेवा केंद्र में शादी-विवाह सहित अन्य कार्यक्रमों की बुकिंग की जाती है. इसमें काफी राशि की वसूली की जाती है. वहीं इस राशि के बदले सरकार को कोई कर भी नहीं दिया जाता है.

सदर अस्पताल और जिला प्रशासन भी नहीं करता है कार्रवाई :

सारी जानकारी रहने के बाद भी जिला प्रशासन द्वारा अभी तक इस पर की कोई कार्रवाई नहीं की गयी है. इसी तरह सदर अस्पताल प्रशासन भी चुपी साधे हुए है.

एसीएमओ बोले, मेरे अधिकार क्षेत्र में नहीं

यह मेरे अधिकार क्षेत्र से बाहर है. सिविल सर्जन, उपाधीक्षक एवं अस्पताल प्रबंधक को इस पर कार्रवाई करनी चाहिए. अतिक्रमण से काफी परेशानी हो रही है. मरीजों को भी परेशानी हो रही है. लावारिस सेवा केंद्र के संचालक मेरी बात नहीं सुनते हैं. तानाशाह की तरह बात करते हैं.

डॉ केएन सिन्हा, एसीएमओ

अस्पताल प्रबंधक बोले, कार्रवाई के लिए मैं अधिकृत नहीं

इस पर कार्रवाई करने के लिए मैं अधिकृत नहीं हूं. सिविल सर्जन एवं उपाधीक्षक इसके लिए अधिकृत हैं. अवैध रूप से अस्पताल की जमीन का अतिक्रमण किया गया है. इससे काफी परेशानी हो रही है. कई तरह के मरीज अस्पताल में रहते हैं. डीजे बजाने से उन्हें काफी परेशानी हो रही है.

शशि कुमार, अस्पताल प्रबंधक

सीएस बोले, करायी जायेगी जांच

यह बहुत पहले की बात है. कब बना मुझे पता नहीं है, पर सदर अस्पताल को अभी काफी जमीन की आवश्यकता है. कई तरह के भवन बनाने की जरूरत है. इससे मरीजों को काफी लाभ होगा. इसकी जांच करायी जायेगी की कब लावारिस सेवा केंद्र का कार्यालय बना.

शिवेंद्र कुमार सिन्हा , सिविल सर्जन

अनुमंडल पदाधिकारी ने कहा, जांच के बाद होगी कार्रवाई

इसकी जानकारी मिली है. सिविल सर्जन को रिपोर्ट देने को कहा गया है. रिपोर्ट आने पर इस पर कार्रवाई की जायेगी.

रश्मि सिन्हा, सदर अनुमंडल पदाधिकारी

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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