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निराला की रचनात्मकता बेजोड़ है : प्रो बलिराज

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निराला की रचनात्मकता बेजोड़ है : प्रो बलिराज

आरा.

जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन के तत्वावधान में पंडित सूर्यकांत त्रिपाठी निराला की जयंती मनायी गयी. कार्यक्रम की अध्यक्षता सम्मेलन के अध्यक्ष प्रो बलिराज ठाकुर ने की. प्रो बलिराज ठाकुर ने निराला के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि निराला की रचनात्मकता बेजोड़ है. बहुत दिनों के बाद हिंदी जगत में कबीर जैसा अखड़पन उन्हीं के जैसा क्रांतिकारी एवं विद्रोही व्यक्तित्व निराला में देखने को मिला.

भोजपुरी विभागाध्यक्ष डॉ दिवाकर पांडेय ने कहा कि बादलराग एक महत्वपूर्ण क्रांति गीत है. पूंजीवादी व्यवस्था ढहा कर एक नयी समाजवादी व्यवस्था कायम करना इस रचना का मूल उद्देश्य है. कवि समीक्षक जितेंद्र कुमार ने कहा कि निराला मुक्त छंद उदगाता है. प्रो महेश सिंह ने कहा कि सामंती रुढ़िवादिता और औपनिवेशक दास्ता के प्रबल विरोधी थे. सम्मेलन के प्रधानमंत्री डॉ नंदजी दूबे ने कहा कि सरोज स्मृति ”” निराला की एक महत्वपूर्ण रचना है. यह हिंदी का सर्वोत्कृष्ट शोक गीत है. उक्त अवसर पर शिवदास सिंह ने फाग गीत गाया. रमेश सिंह प्रपन्न, डॉ सत्यनारायण पांडेय, ब्रह्मेश्वर, डॉ रेणु मिश्र, केशव ठाकुर, भानु प्रताप सिंह, अलख अनाड़ी, सुदर्शन गोस्वामी ने भी काव्य पाठ कर सबको मंत्र मुग्ध कर दिया. संचालन शशिकांत तिवारी और धन्यवाद ज्ञापन नंद जी दूबे ने किया.

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