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ग्राम पंचायतें ओएसआर के माध्यम से अपने को समृद्ध बना रही हैं : बीडीओ

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ग्राम पंचायतें ओएसआर के माध्यम से अपने को समृद्ध बना रही हैं : बीडीओ

उदवंंतनगर.

ग्राम पंचायतों को ऑन सोर्स रेवेन्यू (ओएसआर) के माध्यम से समृद्ध करने को लेकर प्रखंड की सभी पंचायतों के मुखिया को प्रशिक्षण दिया गया. जहां पंचायत के विभिन्न संसाधनों के माध्यम से राजस्व जनरेट करने के गुरु सिखाये गये. मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रखंड विकास पदाधिकारी कर्पूरी ठाकुर ने सभी मुखिया को प्रशिक्षण दिया.

बीडीओ ने बताया कि गुजरात, महाराष्ट्र सहित देश के कई राज्यों की ग्राम पंचायतें ओएसआर के माध्यम से अपने को समृद्ध बना रही हैं. उन्होंने बाहरी निधियों पर निर्भरता कम करने की सलाह देते हुए कहा कि ग्राम पंचायत केंद्र और राज्य सरकार क अनुदान पर निर्भर रहकर विकास कार्य करते हैं. जबकि ओएसआर के माध्यम से पंचायतों को अपने संसाधनों के बदौलत आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है. सतत विकास सुनिश्चित करने के लिए पंचायतें स्वयं की नियमित आय सृजित कर विकास कार्य निरंतर और टिकाऊ कर सकते हैं. वैसे में स्थानीय संसाधन तालाब, बाजार, पंचायत भवन, सामुदायिक स्थल आदि का उपयोग कर आय उत्पन्न किया जा सकता है. ग्राम पंचायत संपत्ति पर पेशेवर कर, मनोरंजन कर, बाजार शुल्क, जल एवं विद्युत कर के साथ ही उपयोगिता शुल्क, जुर्माना एवं दंड शुल्क, पंचायत संपत्तियों से आय, कचरा संग्रहण पर उपयोगकर्ता शुल्क लगाकर पंचायत को आर्थिक रूप से मजबूत बना सकते हैं और करोड़ों की ओएसआर जमा कर सकता है. उन्होंने उत्तराखंड की शंकरपुर और गुजरात की धर्मज ग्राम पंचायत का उदाहरण दिया. प्रशिक्षण के दौरान मुखियागण द्वारा उठाये प्रश्नों का एक-एक कर उत्तर दिया. मौके पर मुखिया अभय सिंह, हरेंद्र सिंह, बीरेंद्र साह, मुखिया प्रतिनिधि रामबचन सिंह,रीतेश कुमार, उमेश चौधरी,बबन पंडित,विनय सिंह, रामाशंकर सिंह, कार्यपालक सहायक विनोद कुमार मुख्य थे.

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