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Home बिहार आरा आरा: दियारा क्षेत्र में हिरणों का अस्तित्व संकट में, संरक्षण के लिए उठी मांग

आरा: दियारा क्षेत्र में हिरणों का अस्तित्व संकट में, संरक्षण के लिए उठी मांग

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आरा: दियारा क्षेत्र में हिरणों का अस्तित्व संकट में, संरक्षण के लिए उठी मांग
जंगल में हिरण.

आरा से आशुतोष पाण्डेय की रिपोर्ट

Arrah News :  आरा से शाहपुर जाने वाले मार्ग के किनारे गंगा नदी के दियारा क्षेत्र में प्राकृतिक रूप से विचरण करने वाले हिरणों का अस्तित्व अब संकट में पड़ता दिख रहा है. कभी बड़ी संख्या में नजर आने वाले हिरण अब विरले ही दिखाई देते हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि बदलते पर्यावरणीय हालात और प्राकृतिक आवास के लगातार सिमटने के कारण उनकी संख्या में लगातार गिरावट आ रही है.

जानकारों के अनुसार दियारा क्षेत्र में मौजूद झाड़-झंखाड़, मूंज, सरपत, रेतीले टीले और घासयुक्त भूभाग हिरणों के लिए प्राकृतिक आवास का काम करते थे. लेकिन समय के साथ इन क्षेत्रों में तेजी से कमी आई है, जिससे हिरणों के सामने सुरक्षित आश्रय और भोजन का संकट खड़ा हो गया है.

अवैध शिकार भी बना खतरा

स्थानीय लोगों का कहना है कि प्राकृतिक आवास के क्षरण के साथ-साथ अवैध शिकार का खतरा भी हिरणों के अस्तित्व पर लगातार मंडरा रहा है. हालांकि ग्रामीण स्तर पर हिरणों की सुरक्षा को लेकर जागरूकता है और लोग उनकी निगरानी भी करते हैं, लेकिन पर्याप्त संरक्षण के अभाव में इनकी संख्या घटती जा रही है.

ग्रामीणों का कहना है कि अब दियारा क्षेत्र में हिरणों का दिखना एक दुर्लभ दृश्य बन गया है, जबकि कुछ वर्ष पहले तक ये बड़ी संख्या में खुले मैदानों और घास वाले क्षेत्रों में आसानी से देखे जाते थे.

वन विभाग से कार्रवाई की मांग

पर्यावरण प्रेमियों और स्थानीय ग्रामीणों ने वन विभाग से हिरणों के संरक्षण के लिए विशेष पहल करने की मांग की है. उनका कहना है कि यदि समय रहते इनके प्राकृतिक आवास को बचाने और अवैध शिकार पर प्रभावी रोक लगाने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में दियारा क्षेत्र से हिरण पूरी तरह विलुप्त हो सकते हैं. ग्रामीणों ने वन विभाग से नियमित निगरानी, संरक्षण अभियान चलाने तथा हिरणों के अनुकूल वातावरण विकसित करने की मांग की है.

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राजीव कुमार कंटेंट राइटर राजीव कुमार प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं. खबरों के संपादन के क्षेत्र में उनके पास तीन साल का अनुभव है. प्रभात खबर डिजिटल के पटना कार्यालय से जुड़ने से पहले वे भागलपुर में हिंदुस्तान और दैनिक भास्कर अखबार की संपादकीय टीम में काम कर चुके हैं. बिहार की राजनीतिक, सामाजिक जीवन से जुड़ी घटनाओं की अच्छी समझ रखते हैं. विशेषज्ञता राजीव कुमार खास तौर पर राजनीति की खबर,ब्रेकिंग न्यूज, रियल टाइम खबरें और मौसम की खबर समेत रिसर्च आधारित खबरें करते हैं. इसके अलावा वह हर तरह के इवेंट का पल-पल का लाइव कवरेज भी करते हैं. सोशल मीडिया एक्स हैंडल पर नजर बनाएं रखते है. खासकर राजनीति से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस रखते है. बिहार की राजनीति पर हमेशा नजर रहती है. पत्रकारिता अनुभव राजीव कुमार ने पत्रकारिता में मास्टर डिग्री हासिल करने के बाद हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में पत्रकारिता का शुरुआती ज्ञान लिया, यहां हेडलाइन, ब्रेकिंग न्यूज, लाइव कवरेज,खबर की थीम,खबरों में तथ्य आदि के बारे में बारीकी से समझा. करीब एक साल तक हिंदुस्तान अखबार में काम करने बाद दैनिक भास्कर में काम करने का मौका मिला.दैनिक भास्कर में जिले से जुड़ी खबर, लोकल खबर समेत कई खबरों की जानकारी मिली.करीब दो साल तक दैनिक भास्कर में काम करने के बाद प्रभात खबर डिजिटल में पारी की शुरुआत की. शिक्षा/पुरस्कार मूल रूप से बिहार के पूर्वी चंपारण के बाबा सोमेश्वरनाथ नगरी रहने वाले राजीव कुमार ने महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय मोतिहारी से मास कम्युनिकेशन में पारास्नातक की डिग्री हासिल किया. दैनिक भास्कर में काम करने के दौरान बेतहर हेडिंग और एनओडी पैकेज पर दो-दो पुरस्कार प्राप्त है.
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