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Home बिहार आरा केंद्र के निर्देश पर बिहार में AISHE पंजीकरण अनिवार्य, शिक्षा विभाग ने जारी किया आदेश

केंद्र के निर्देश पर बिहार में AISHE पंजीकरण अनिवार्य, शिक्षा विभाग ने जारी किया आदेश

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केंद्र के निर्देश पर बिहार में AISHE पंजीकरण अनिवार्य, शिक्षा विभाग ने जारी किया आदेश
वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय की तस्वीर

Bihar News:(आशुतोष पाण्डेय) बिहार में उच्च शिक्षा संस्थानों के डेटा संकलन और पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए शिक्षा विभाग ने अखिल भारतीय उच्चतर शिक्षा सर्वेक्षण (AISHE) पोर्टल पर पंजीकरण को अनिवार्य कर दिया गया है. केंद्र सरकार के उच्चतर शिक्षा विभाग के निर्देश के आलोक में राज्य सरकार ने सभी विश्वविद्यालयों और संबद्ध कॉलेजों को शीघ्र पंजीकरण सुनिश्चित करने को कहा है. इस पहल का उद्देश्य राज्य के सभी उच्च शिक्षा संस्थानों को एकीकृत डाटाबेस से जोड़ना और उन्हें विभिन्न केंद्रीय व राज्य स्तरीय योजनाओं का लाभ दिलाना है.

इसी क्रम में आरा के अंतर्गत संचालित सभी राजकीय डिग्री महाविद्यालयों को पंजीकरण कराने का निर्देश जारी किया गया है. विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस प्रक्रिया को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए सभी महाविद्यालयों के प्रिंसिपल से इसे प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा करने को कहा है.

AISHE कोड क्यों है जरूरी

प्रशासन के अनुसार AISHE कोड उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए एक अनिवार्य पहचान संख्या है, जिसके बिना कई महत्वपूर्ण योजनाओं का लाभ नहीं मिल सकता. इस कोड का उपयोग विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) की विभिन्न योजनाओं, पीएम उषा (PM-USHA) योजना के तहत मिलने वाली फंडिंग, पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति, एआईसीटीई अनुदान, स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना, संस्थागत मान्यता (Accreditation) और राष्ट्रीय स्तर की रैंकिंग प्रक्रियाओं में किया जाता है.

पंजीकरण प्रक्रिया में इन बातों का रखें ध्यान

विश्वविद्यालय द्वारा जारी निर्देश में यह स्पष्ट किया गया है कि पंजीकरण के दौरान सभी महाविद्यालयों के प्रधानाचार्य अपने संस्थान से संबंधित जानकारी सही और अपडेट  रूप में दर्ज करें. विशेष रूप से प्रधानाचार्य का नाम, मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी बिल्कुल सटीक होना चाहिए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की तकनीकी या प्रशासनिक समस्या न उत्पन्न हो. इसके साथ ही महाविद्यालय की मान्यता से संबंधित प्रमाण-पत्र, विश्वविद्यालय द्वारा जारी संबद्धता पत्र तथा बिहार सरकार की अधिसूचना या संकल्प को पीडीएफ प्रारूप में अपलोड करना अनिवार्य होगा.

समय पर पंजीकरण नहीं होने पर हो सकती है परेशानी

विश्वविद्यालय प्रशासन ने चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि महाविद्यालय समय पर AISHE पोर्टल पर पंजीकरण नहीं कराते हैं, तो उन्हें विभिन्न केंद्रीय एवं राज्य स्तरीय योजनाओं का लाभ लेने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है. इसके अलावा संस्थानों की मान्यता, अनुदान और अन्य शैक्षणिक प्रक्रियाओं पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है.

सभी कॉलेजों से शीघ्र कार्रवाई का आग्रह

वीकेएसयू प्रशासन ने सभी महाविद्यालयों से अपील की है कि वे इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जल्द से जल्द पंजीकरण प्रक्रिया पूर्ण करें, ताकि समय पर AISHE कोड प्राप्त किया जा सके. प्रशासन का मानना है कि इस पहल से न केवल संस्थानों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा, बल्कि उच्च शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और गुणवत्ता भी सुनिश्चित होगी.

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मैं रागिनी शर्मा वर्तमान में पटना स्थित प्रभात खबर डिजिटल की टीम के साथ कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हूं. यहां मैं बिहार के विभिन्न जिलों से जुड़ी अहम खबरों, राजनीतिक-सामाजिक मुद्दों और ट्रेंडिंग विषयों पर काम कर रही हूं. मेरा उद्देश्य हर खबर को सरल, सटीक और प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करना है, ताकि पाठक न सिर्फ जानकारी प्राप्त करें बल्कि उससे जुड़ाव भी महसूस करें और डिजिटल पत्रकारिता को और अधिक सार्थक बनाया जा सके. पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान ही मैंने प्रिंट और डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. अपने कॉलेज के समय में हिंदुस्तान के साथ इंटर्नशिप के दौरान मुझे पहली बार वेब पोर्टल पर खबर लिखने और डिजिटल न्यूज राइटिंग का व्यावहारिक अनुभव मिला. इसी दौरान मैंने न्यूज़ लेखन, हेडलाइन स्ट्रक्चर और डिजिटल स्टोरी प्रेजेंटेशन की बुनियादी समझ विकसित की. इसके बाद वर्ष 2025 में पत्रकारिता में ग्रेजुएशन पूरा करने के साथ ही मैंने अपने प्रोफेशनल करियर की शुरुआत की. डिजिटल मीडिया में मेरी पहली भूमिका फर्स्ट बिहार झारखंड के साथ रही, जहाँ मैंने एंकरिंग और ग्राउंड रिपोर्टिंग के माध्यम से बिहार के जमीनी मुद्दों को कवर किया. इस दौरान मैंने राज्य की राजनीति, सामाजिक सरोकारों और आम जनता से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर सक्रिय रूप से रिपोर्टिंग की.
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