[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार आरा किराए की जमीन पर 30 लाख की खेती, आरा के युवा किसानों के लिए बने मिसाल

किराए की जमीन पर 30 लाख की खेती, आरा के युवा किसानों के लिए बने मिसाल

0
किराए की जमीन पर 30 लाख की खेती, आरा के युवा किसानों के लिए बने मिसाल
युवा की तस्वीर

Aara News: कोईलवर के बीरमपुर गांव से निकली प्रेरणादायक कहानी है. बीरमपुर गांव के किसान धर्मेंद्र उर्फ मुन्ना आज उन युवाओं के लिए प्रेरणा बन गए हैं जो खेती को घाटे का सौदा मानते हैं. कभी मजदूरी कर दिनभर में 100–150 रुपये कमाने वाले मुन्ना ने आज अपनी मेहनत और सूझबूझ से सालाना करीब 30 लाख रुपये की खेती कर सबको चौंका दिया है.

बिना जमीन के शुरू की खेती, आज 15 बीघा पर कब्जा

धर्मेंद्र के पास खुद की एक कट्ठा जमीन भी नहीं थी, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. उन्होंने गांव के किसानों से 15 बीघा जमीन लीज पर ली और छोटे स्तर पर सब्जी की खेती शुरू की. शुरुआत में मौसम, बाजार और लागत जैसी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन लगातार मेहनत और सीखने की ललक ने उन्हें आगे बढ़ाया. आज वे प्रति बीघा करीब 18 हजार रुपये किराया देकर खेती कर रहे हैं और इससे अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं.

15 तरह की फसलें, हर सीजन में कमाई

मुन्ना एक ही फसल पर निर्भर नहीं रहते. वे सालभर की प्लानिंग के साथ करीब 15 तरह की सब्जियों और फलों की खेती करते हैं. इनमें टमाटर, भिंडी, लौकी, परवल, गोभी, आलू जैसी रोजमर्रा की फसलें शामिल हैं. इसके अलावा कटहल, बेर और अन्य मौसमी फलों की खेती भी करते हैं, जिससे उनकी आय के कई स्रोत बने रहते हैं.

ऑफ-सीजन खेती से कमाई दोगुनी-तिगुनी

उनकी सफलता का सबसे बड़ा राज ऑफ-सीजन खेती है. जब बाजार में किसी सब्जी की कमी होती है. उसी समय उनकी फसल तैयार रहती है. उदाहरण के तौर पर, वे सर्दियों से पहले ही टमाटर की फसल तैयार कर लेते हैं. जिससे उन्हें सामान्य कीमत से दो से तीन गुना ज्यादा दाम मिलता है.

Also Read: नालंदा में निगरानी की बड़ी कार्रवाई, आंगनवाड़ी सुपरवाइजर को 3200 रुपये लेते किया गिरफ्तार

Previous article सहयोग शिविर का अधिक लोगों को लाभ देने का लक्ष्य, चलाया जा रहा जागरूकता अभियान
Next article तमिलनाडु में कांग्रेस ने क्यों दिया डीएमके को गच्चा? जानिए 1971 से अबतक कैसा रहा गठबंधन…
Avatar Of Ragini Sharma
मैं रागिनी शर्मा वर्तमान में पटना स्थित प्रभात खबर डिजिटल की टीम के साथ कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हूं. यहां मैं बिहार के विभिन्न जिलों से जुड़ी अहम खबरों, राजनीतिक-सामाजिक मुद्दों और ट्रेंडिंग विषयों पर काम कर रही हूं. मेरा उद्देश्य हर खबर को सरल, सटीक और प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करना है, ताकि पाठक न सिर्फ जानकारी प्राप्त करें बल्कि उससे जुड़ाव भी महसूस करें और डिजिटल पत्रकारिता को और अधिक सार्थक बनाया जा सके. पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान ही मैंने प्रिंट और डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. अपने कॉलेज के समय में हिंदुस्तान के साथ इंटर्नशिप के दौरान मुझे पहली बार वेब पोर्टल पर खबर लिखने और डिजिटल न्यूज राइटिंग का व्यावहारिक अनुभव मिला. इसी दौरान मैंने न्यूज़ लेखन, हेडलाइन स्ट्रक्चर और डिजिटल स्टोरी प्रेजेंटेशन की बुनियादी समझ विकसित की. इसके बाद वर्ष 2025 में पत्रकारिता में ग्रेजुएशन पूरा करने के साथ ही मैंने अपने प्रोफेशनल करियर की शुरुआत की. डिजिटल मीडिया में मेरी पहली भूमिका फर्स्ट बिहार झारखंड के साथ रही, जहाँ मैंने एंकरिंग और ग्राउंड रिपोर्टिंग के माध्यम से बिहार के जमीनी मुद्दों को कवर किया. इस दौरान मैंने राज्य की राजनीति, सामाजिक सरोकारों और आम जनता से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर सक्रिय रूप से रिपोर्टिंग की.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel