[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार अररिया किसी से बात करना बोलना अच्छा नहीं लगता, तुम्हें देखा है जब से दूसरा अच्छा नहीं लगता

किसी से बात करना बोलना अच्छा नहीं लगता, तुम्हें देखा है जब से दूसरा अच्छा नहीं लगता

0
किसी से बात करना बोलना अच्छा नहीं लगता, तुम्हें देखा है जब से दूसरा अच्छा नहीं लगता

स्व जुबैरुल हसन की स्मृति में शाम-ए-गजल का आयोजन शायर रेहाना नवाब व डॉ रंजना झा के गजल पर झूमते रहे लोग -2-प्रतिनिधि, अररिया उर्दू साहित्य के नामचीन शायर, लेखक व आलोचक सेवानिवृत्त जिला जज स्व जुबैरुल हसन गाफिल की पुण्य स्मृति दिवस पर अररिया में एक हसीन शाम ए ग़ज़ल का आयोजन किया गया, बज़्म गाफिल व शाही पैलेस अररिया से संयुक्त तत्वाधान में आयोजित इस शाम ए ग़ज़ल में कलकत्ता से तशरीफ लाई. शायरा रेहाना नवाब व साहित्य नाटक एकेडमी से सम्मानित गजल गायिका डॉ रंजना झा शामिल हुई. मौके पर जुबैरुल हसन के अदबी अदबी ख़िदमात पर वक्ताओं ने विस्तार से प्रकाश डाला. इस मौके पर मशहूर शायर रेहाना नवाब ने एक से बढ़कर एक गजल से लोगों को थिरकने व झूमने पर मजबूर कर दिया. उन्होंने जब ये शेर पढ़ा कि किसी से बात करना देखना अच्छा नहीं लगता, तुझे देखा है जब से कोई दूसरा अच्छा नहीं लगता तो पूरा हॉल तालियों से गूंज उठा. उसके बाद उन्होंने एक से बढ़कर एक खूबसूरत गजल पेश कर लोगों का दिल जीत लिया. उसके बाद राष्ट्रीय स्तर पर गीत गजल की दुनिया में अपनी अलग पहचान रखने वाली डॉ रंजना झा जा स्टेज पर आई तो लोगों से खूब गर्मजोशी से उनका स्वागत किया. साहित्य नाटक एकेडमी द्वारा सम्मानित रंजना झा ने भी एक से बढ़कर एक गजल व देश भक्ति गीत पेश किया. जिनका साथ अररिया के आइकॉन अमर आनंद ने दिया. उनके प्रोग्राम का भी लोगों ने जमकर लुत्फ़ उठाया. बज्मे गजल कार्यक्रम के आयोजक के आयोजक व स्व जुबैरुल हसन गाफिल के पुत्र कमिश्नर जीएसटी असलम हसन द्वारा जिला के पांच लोगों को साहित्य के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए जुबैरुल हसन स्मृति सम्मान से नवाजा गया. जिसके जिला के महान साहित्यकार भोला पंडित प्रणयी के अलावा हारून रशीद गाफिल ,राज मोहन सिंह राघव ,मौलाना शम्स कादिर को साहित्य के क्षेत्र में बेहतर कार्य के लिए मरणोपरांत सम्मानित किया गया. साथ ही स्व जुबैरुल हसन गाफिल के गांव के दो लोगों को जिन्होंने ड्रामा के क्षेत्र में पूरे जिला में अपना प्रदर्शन किया. उन्हें भी सम्मानित किया गया. मौके पर असलम हसन ने ऐलान किया कि हर वर्ष इस तरह का कार्यक्रम आयोजित किए जायेंगे. जिसमें विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित किया जायेगा. कार्यक्रम का मंच संचालन शिक्षक मुशीर आलम व अब्दुल गनी लबीब ने किया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel