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Home बिहार अररिया अस्पताल के जर्जर भवन में चल रहा टीबी यूनिट

अस्पताल के जर्जर भवन में चल रहा टीबी यूनिट

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अस्पताल के जर्जर भवन में चल रहा टीबी यूनिट

खतरों के बीच इलाज कराने को मजबूर हैं मरीज

फारबिसगंज. फारबिसगंज अनुमंडलीय अस्पताल परिसर में स्थित पुराने जर्जर भवन में टीबी यूनिट का संचालन किया जा रहा है. भवन की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि छत से लगातार गिट्टी व प्लास्टर गिर रहा है. इसके बावजूद यहां रोजाना दर्जनों टीबी मरीज जांच और इलाज के लिए पहुंचते हैं. सबसे बड़ी चिंता यह है कि निक्षय पोषण योजना की राशि भी मरीजों के खातों में नहीं पहुंच रही, जिससे मरीज लगातार अस्पताल और टीबी यूनिट का चक्कर लगाने को मजबूर हैं.

खतरे के साये में हो रहा इलाज

बताया जा रहा है कि जिस भवन में सिबिनेट लैब संचालित हो रही है, वहां की छत पूरी तरह जर्जर हो चुकी है. बरसात के दिनों में पानी टपकता है और बिजली की वायरिंग भी बेहद खराब स्थिति में है. इतना ही नहीं, भवन में पीने के पानी की भी कोई व्यवस्था नहीं है. जांच के दौरान जरूरत पड़ने पर कर्मचारियों को बाहर से पानी लाना पड़ता है. टीबी यूनिट में हर दिन 15 से 20 मरीजों के बलगम की जांच सिबिनेट, माइक्रोस्कोपिक व ट्रूनेट मशीन से की जाती है. यहां सीनियर टीबी लेबोरेटरी सुपरवाइजर उदय चंद पासवान, सीनियर ट्रीटमेंट सुपरवाइजर मो. असीम, अशोक कुमार सिंह और लैब टेक्नीशियन योगेश पासवान मरीजों की जांच में जुटे रहते हैं.

इस साल अब तक 388 मरीजों का चल रहा उपचार

टीबी यूनिट में इस वर्ष 01 जनवरी से 15 मई 2026 तक कुल 388 मरीजों का इलाज चल रहा है. वहीं वर्ष 2025 में कुल 476 मरीज टीबी पॉजिटिव पाये गये थे, जिनका उपचार इसी यूनिट में किया गया था. लगातार बढ़ते मरीजों के बावजूद भवन की बदहाल स्थिति को लेकर अब तक ठोस कदम नहीं उठाया गया है.

निक्षय पोषण योजना की राशि के लिए भटक रहे मरीज

टीबी मरीजों का आरोप है कि सरकार की निक्षय पोषण योजना के तहत मिलने वाली छह हजार रुपये की सहायता राशि अब तक उनके खातों में नहीं पहुंची है. मरीजों का कहना है कि वे कई बार टीबी यूनिट और अस्पताल का चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिल रहा.

कहते हैं अस्पताल प्रभारी

रेफरल अस्पताल प्रभारी डॉ राजीव कुमार बसाक ने बताया कि जर्जर भवन की समस्या को लेकर विभाग को लिखित जानकारी भेजी जा चुकी है. उन्होंने कहा कि जल्द नया भवन बनने की संभावना है. साथ ही निक्षय पोषण योजना की राशि मरीजों के खातों में भेजने के लिए जिला स्तर पर सूची भी भेज दी गयी है.

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