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Home बिहार अररिया 52वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल ने मनाया 15वां स्थापना दिवस, छत्तीसगढ़ और जेके में नक्सल विरोधी अभियान में लहराया है परचम

52वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल ने मनाया 15वां स्थापना दिवस, छत्तीसगढ़ और जेके में नक्सल विरोधी अभियान में लहराया है परचम

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52वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल ने मनाया 15वां स्थापना दिवस, छत्तीसगढ़ और जेके में नक्सल विरोधी अभियान में लहराया है परचम
एसएसबी जवानों को संबोधित करते कमांडेंट मितुल कुमार
अररिया से राहुल सिंह की रिपोर्ट

SSB: भारत-नेपाल की संवेदनशील सीमा की सुरक्षा में तैनात अग्रणी सुरक्षा बल, 52वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) अररिया ने अपना 15वां गौरवशाली स्थापना दिवस (Raising Day) धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया. वाहिनी के कमांडेंट मितुल कुमार के कुशल निर्देशन में आयोजित इस भव्य समारोह की शुरुआत मुख्य आतिथ्य में पहुंचे एसएसबी क्षेत्रक मुख्यालय पूर्णिया के उप महानिरीक्षक (DIG) मधुकर अमिताभ द्वारा दीप प्रज्वलित कर की गई. इसके बाद कमांडेंट ने परेड की सलामी ली और नई दिल्ली स्थित बल मुख्यालय से प्राप्त एसएसबी के महानिदेशक (DG) संजय सिंघल का विशेष बधाई संदेश सभी बल कार्मिकों को पढ़कर सुनाया.

छत्तीसगढ़ के नक्सल मोर्चे से लेकर अमरनाथ यात्रा तक शौर्य की गाथा

समारोह के दौरान कमांडेंट मितुल कुमार ने वर्ष 2012 में वाहिनी की स्थापना से लेकर अब तक की शानदार ऐतिहासिक उपलब्धियों और शौर्य गाथा का विवरण देश के सामने रखा:

  • नक्सल विरोधी अभियानों में सफलता: 52वीं वाहिनी ने बिहार के बीरपुर, सिक्किम के युक्सुंग और विशेष रूप से छत्तीसगढ़ के अंतागढ़ जैसे घोर नक्सल प्रभावित इलाकों में कठिन नक्सल विरोधी अभियानों (Anti-Naxal Operations) को सफलतापूर्वक अंजाम देकर अपनी वीरता का लोहा मनवाया है.
  • आंतरिक सुरक्षा में अहम योगदान: देश के भीतर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए विभिन्न राज्यों में हुए चुनावों, जम्मू-कश्मीर के बेहद संवेदनशील इलाकों में आंतरिक सुरक्षा ड्यूटी तथा पवित्र अमरनाथ यात्रा को शांतिपूर्ण संपन्न कराने में इस वाहिनी के जवानों ने अदम्य साहस और उत्कृष्ट कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया है.

सीमा सुरक्षा के साथ-साथ ‘श्री अन्न’ और कौशल विकास से बदल रहे हैं जिंदगियां

सामाजिक सरोकार और जागरूकता: कमांडेंट ने रेखांकित किया कि एसएसबी केवल सीमा की रक्षा ही नहीं करती, बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों के ग्रामीणों और युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए ‘नागरिक कल्याण कार्यक्रम’ चलाती है. इसके तहत युवाओं के लिए खेल प्रतियोगिताएं, कृषि क्षेत्र में ‘श्री अन्न’ (मिलेट्स) का व्यापक प्रचार-प्रसार, पर्यावरण संरक्षण के लिए वृक्षारोपण, सीमावर्ती आबादी के लिए मुफ्त मानव व पशु चिकित्सा शिविर, और रोजगार के लिए वाहन चालन प्रशिक्षण आयोजित किए जाते हैं. इसके अतिरिक्त महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सिलाई व ब्यूटी पार्लर ट्रेनिंग के साथ-साथ ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ और ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ जैसे कई कौशल विकास व जागरूकता कार्यक्रम लगातार चलाए जा रहे हैं.

सांस्कृतिक संध्या और ‘बड़ा खाना’ के साथ समारोह का समापन

समारोह की मुख्य झलकियां:

स्थापना दिवस के इस पावन अवसर पर एसएसबी के जवानों, अधिकारियों और संदीक्षा (SSB वाइव्स वेलफेयर एसोसिएशन) के सदस्यों द्वारा एक से बढ़कर एक रंगारंग और मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए, जिसने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया. मुख्य अतिथि डीआईजी मधुकर अमिताभ ने सभी कार्मिकों को सपरिवार बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की.

समारोह का विधिवत समापन बल की सनातनी परंपरा के अनुसार एक भव्य सामूहिक भोज यानी ‘बड़ा खाना’ के साथ हुआ, जिसमें सभी ने स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद लिया. इस ऐतिहासिक उत्सव के दौरान द्वितीय कमान अधिकारी अलोक कुमार, उप कमांडेंट उदय कुमार सहित वाहिनी के तमाम अधीनस्थ अधिकारी, बहादुर जवान और उनके परिवारजन भारी संख्या में मौजूद रहे.

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