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ज्ञानशाला से ही संवर सकता है हमारा आज व कल: महेंद्र बैद

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ज्ञानशाला से ही संवर सकता है हमारा आज व कल: महेंद्र बैद

फारबिसगंज. तेरापंथ भवन में श्री जैन श्वेतांबर सभा ने ज्ञानशाला दिवस धूमधाम से मनाया. तेरापंथ धर्म संघ के नवमें आचार्य आचार्य श्री तुलसी द्वारा प्रदत्त यह उपक्रम है. तेरापंथ धर्म संघ में ज्ञानशाला एक विशेष स्थान रखती है. यह ज्ञानशाला बच्चों को आध्यात्मिक मानसिक, शारीरिक एवं भावनात्मक विकास की ओर लेकर जाती है. जहां स्कूली शिक्षा बच्चों में बौद्धिक विकास करती है. वहीं ज्ञानशाला बच्चों में आध्यात्मिक विकास के साथ भावनात्मक व मानसिक मानसिक संतुलन भी बना के रखने में भी सहायक होती है. कार्यक्रम की शुरुआत ज्ञानशाला के बच्चों के द्वारा अर्हम अर्हम की वंदना फले गीतिका से हुई. ज्ञानशाला में पढ़ाने वाली प्रशिक्षिकाओं व शिक्षिकाओं के द्वारा मंगलाचरण गीतिका का प्रस्तुतीकरण किया गया. तत्पश्चात केंद्र द्वारा निर्देशित ज्ञानशाला की स्थापना कब क्यों और कैसे के आधार पर बच्चों के द्वारा नाटिका प्रस्तुत की गयी. भिक्षु स्वामी की दृष्टांत को दिखाते हुए ज्ञानशाला के बच्चों के द्वारा एक रोचक प्रस्तुति दी गयी. ज्ञानशाला की मुख्य प्रशिक्षिका प्रभा सेठिया ने कहा कि ये बच्चे हमारी नन्ही-नन्ही पौध हैं, इन्हें संभालना व संवारना हमारे हाथों में है. सभा के अध्यक्ष महेंद्र बैद ने कहा कि अभी जुड़ी हुई नयी शिक्षिकाओं ने काफी मेहनत करके इस ज्ञानशाला को फिर से एक नया रूप दिया है. कार्यक्रम का सफल संयोजन ज्ञानशाला प्रभारी नीता गोलछा ने किया. आभार ज्ञापन उपासिका व ज्ञानशाला की मुख्य प्रशिक्षिका प्रभा सेठिया ने किया.

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