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वाटिका कक्ष का उद्घाटन

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वाटिका कक्ष का उद्घाटन

फारबिसगंज. सुलोचना देवी डॉ डीएल दास सरस्वती शिशु विद्या मंदिर कटहरा में सोमवार को मातृ सम्मेलन सह वाटिका कक्ष का उद्घाटन किया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन आगंतुक अतिथियों के द्वारा दीप प्रज्वलन व सरस्वती वंदना के साथ किया गया. कार्यक्रम के प्रस्तावना उद्बोधन में लोक शिक्षा समिति बिहार के प्रदेश सचिव रामलाल सिंह ने कहा विद्या भारती ने शिशुओं के साथ उनके माता-पिता, परिवारों को भी प्रशिक्षित व संस्कारित करने का कार्यक्रम शिशु वाटिका के अंतर्गत अपनाया है. शिशु के समुचित विकास में परिवार विशेष रूप से माता का दायित्व है. उन्होंने शिशु वाटिका के बारह आयाम की विस्तृत जानकारी दी. कार्यक्रम के मुख्य वक्ता विद्या भारती उत्तर पूर्व क्षेत्र के क्षेत्रीय संगठन मंत्री ख्यालीराम ने कहा मां का संपूर्ण कार्य बच्चों का देखभाल करने के लिए होता है. बच्चों को विभिन्न प्रकार के खेल- खेलाकर उन्हें सीखने के लिए प्रेरित करना, इसलिए विद्या भारती शिशु वाटिका के भैया बहनों को खेल-खेल में शिक्षा देने की कार्य कर रही है. शिशु वाटिका छोटे बच्चों के लिए एक औपचारिक कक्षा है, आमतौर पर 3 से 6 साल की उम्र के बीच, जहां एक बच्चा ज्ञान की मूल बातें सीखता है. इस मौके पर पर प्रधानाचार्य आलोक कुमार शर्मा,आचार्य अजय कुमार राय, विद्या मंदिर फारबिसगंज के प्रधानाचार्य आशुतोष कुमार मिश्र, संकुल प्रमुख अनिल कुमार, समाजसेवी गोपाल अग्रवाल, कामिनी गोयल, इंदु कुमारी, विद्यालय प्रबंधकारिणी समिति के अन्य सदस्य सहित दर्जनों माताएं उपस्थित थी.

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