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हल्की ठंड से बढ़ी सर्दी, जुकाम व बुखार के मरीजों की संख्या

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हल्की ठंड से बढ़ी सर्दी, जुकाम व बुखार के मरीजों की संख्या

मौसम के बदल रहा, रहें सावधान फोटो:31-अनुमंडलीय अस्पताल में ओपीडी में लगी मरीजों की भीड़. प्रतिनिधि, फारबिसगंज नवंबर महीने के दूसरे सप्ताह शुरू होते व मौसम में बदलाव के साथ ही सुबह व शाम ठंडी हो गयी है. बदलते मौसम की चपेट में आने से लोग सर्दी-जुकाम व बुखार के शिकार हो रहे हैं. इसका कारण मौसम में बदलाव व तापमान में गिरावट माना जा रहा है. फारबिसगंज अनुमंडल के शहरी सहित सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्र के वैसे लोग जो सर्दी, खांसी, जुकाम व बुखार के अलावा एलर्जी से पीड़ित होते हैं इलाज कराने अनुमंडलीय अस्पताल पहुंच रहे हैं. जिस के कारण इन दिनों अनुमंडलीय अस्पताल के ओपीडी में इलाज कराने वाले मरीजों की संख्या बढ़ती दिख रही है. अस्पताल सूत्रों के मुताबिक यूं तो आम दिनों में प्रतिदिन लगभग 300 मरीज अस्पताल के ओपीडी में इलाज कराने के लिए पहुंचते थे. लेकिन इधर नवंबर के महीने में जैसे हीं मौसम ने करवट ली है हल्की ठंड ने दस्तक देना शुरू किया है कि ओपीडी में प्रति दिन 400 से 500 मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं. ओपीडी में इलाज के लिए आने वाले मरीजों में वृद्ध, व्यस्क के अलावा बच्चों की संख्या भी अधिक देखी जा रही है. अनुमंडलीय अस्पताल के पंजीयन केंद्र पर पंजीयन कराने के लिए मरीजों की लंबी कतारें लगी रहती हैं. अनुमंडलीय अस्पताल के उपाधीक्षक केएन सिंह, पूर्व उपाधीक्षक डॉ रेशमा रजा, डॉ आशुतोष कुमार, डॉ मुन्ना कुमार के अलावा अस्पताल में पदस्थापित अन्य चिकित्सक अपने-अपने रोस्टर के अनुरूप अस्पताल के ओपीडी में स्वास्थ्य सेवा प्रदान कर रहे हैं. गर्म व गुनगुने पानी का करें इस्तेमाल फोटो:32- डॉ आशुतोष कुमार. अनुमंडलीय अस्पताल के पूर्व उपाधीक्षक प्रसिद्ध शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ आशुतोष कुमार ने कहा कि मौसम में परिवर्तन होने व हल्की ठंड के दस्तक देने के साथ ही अस्पताल में मरीजों की भीड़ बढ़ रही है. अस्पताल के ओपीडी में पहले की अपेक्षा इलाज कराने के लिए मरीज की संख्या अधिक बढ़ती दिख रही है. इसमें अधिकांश सर्दी खांसी, बुखार, जुकाम, एलर्जी, सिर में दर्द, गले में खराश होने, कफ अधिक बनने, उच्च रक्तचाप, गैस अधिक बनने की शिकायत ले कर लोग इलाज करने आते हैं. इस मौसम में सबसे अधिक वृद्ध व बच्चे मौसमी बीमारी से परेशान होते हैं इसलिए सबसे अधिक बच्चों व वृद्ध के स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहिये. मौसमी बीमारियों से बचने के लिए हमें सुबह-शाम गर्म कपड़े पहनने चाहिये व हल्के ठंड के इस मौसम में हल्का उनी व गर्म चादर रात में ओढ़ कर सोना चाहिये, गर्म व गुनगुने पानी का सेवन करना चाहिये, गर्म गुनगुने पानी का भाप लेना चाहिये. समय पर वे ताजा भोजन करना चाहिये अच्छी नींद लेना चाहिये. ————– दिन ब दिन कम हो रही बारिश, करें वर्षा जल को संरक्षित: बीएओ ई किसान भवन में रबी फसल को लेकर एक दिवसीय कार्यशाला व प्रशिक्षण का हुआ आयोजन फोटो:33- प्रशिक्षण देते कृषि वैज्ञानिक. प्रतिनिधि,भरगामा ई किसान भवन में रबी फसल महोत्सव 2024-25 के लिए एक दिवसीय कार्यशाला सह प्रशिक्षण का आयोजन किया गया. जिसमें कृषि वैज्ञानिक डाॅ निकिता मिश्रा व प्रखंड कृषि पदाधिकारी नागेंद्र राम मुख्य रूप से उपस्थित थे. इस मौके पर उपस्थित किसानों को कृषि विभाग अररिया द्वारा रबी महोत्सव 2024-25 के लिए जारी योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी गयी. सबसे पहले किसानों को मौसम अनुकूल खेती कम पटवन में गेहूं, चना, मसूर, राई, सरसों की अच्छी पैदावार कैसे हों, बीज ग्राम योजना, तीव्र विस्तार बीज योजना, बीज से संबंधित अन्य योजनाओं की जानकारी दी गयी. इसके साथ हीं रबी मौसम में सभी फसलों के प्राप्त लक्ष्य व अनुदानित दर पर बीज के बारे में जानकारी दी गयी. प्रखंड कृषि पदाधिकारी नागेंद्र राम ने कहा कि किसानों की स्थिति कैसे बेहतर हो, कम लागत में उपज कैसे अधिक हो, इस पर विस्तार से चर्चा की गयी. आये हुए किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में दिन-ब-दिन बारिश कम होती जा रही है. जिसके लिए किसानों को बारिश जल संरक्षित करने पर बल दिया. साथ हीं किसानों को ऐसे उन्नत किस्म के बीज उपयोग करनी चाहिए, जिसमें पानी कम लगता हो. इधर प्रशिक्षण से वंचित किसानों का कहना है कि कृषि विभाग द्वारा औपचारिकता पूरी की जाती है. गिने चुने किसानों को प्रशिक्षण में बुलाया जाता है, अगर उन लोगों को भी रबी महोत्सव की जानकारी होती तो वे इसका लाभ लेते.

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