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मानव-मानव एक है, मानव का धर्म एक है

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मानव-मानव एक है, मानव का धर्म एक है

अररिया. जिला मुख्यालय स्थित तेरापंथ जैन धर्मशाला मारवाड़ी पट्टी में चल रहे आनंद मार्ग त्रिदिवसीय योग सेमिनार का भक्तिपूर्ण वातावरण में समापन हुआ. प्रातः कालीन सत्र प्रभातफेरी, योगासन प्रशिक्षण के कार्यक्रम से शुरु हुआ. सुबह के सत्र में निर्धारित समय पर धर्मशाला से निकलकर चांदनी चौक, काली मंदिर रोड, आश्रम रोड, एडीबी चौक होते हुए वापस धर्मशाला तक एक कीर्तन शोभायात्रा निकाली गयी. जिसमें उपस्थित सभी साधकों द्वारा बाबा नाम केवलम कीर्तन का गान करते हुए आनंद मार्ग अमर है, मानव-मानव एक है, मानव का धर्म एक है. विश्व बंधुत्व कायम हो. दुनिया के नैतिकतावादियों एक हो. जात-पात की करो विदाई, मानव-मानव, भाई-भाई. एक-चूल्हा, एक चौका, एक है मानव समाज का सामाजिक संदेश नारों के साथ गुंजायमान होता रहा. सेमिनार के अंतिम सत्र मे मुख्य प्रशिक्षक आचार्य पूर्ण देवानंद अवधूत द्वारा भक्ति तत्व व नव मानवतावाद विषय पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सृष्टि के सभी जीवो (सजीव व निर्जीव) के प्रति प्रेम, उनकी देखरेख व उनका उचित उपयोग नव मानवतावाद सिखलाता है, यह तभी संभव है जब सभी अपने को परमपिता परमात्मा का संतान व सभी जीवों को अपने परिवार का सदस्य समझे. समापन सत्र में वरिष्ठ आचार्य विश्वेश्वर जी, आचार्य कृष्ण कुमार जी के प्रेरक संबोधन व संन्यासियों, आचार्य तपो सिद्धानंद अवधूत, आचार्य सद्बुधानंद अवधूत, आचार्या गोपा दीदी, आचार्या आलोका दीदी मौजूद थे. शिविर को सफल बनाने में सुमंत्र देव, तरुणजी, नवीन जी राजेंद्र जी जेंद्रजी, परितोषजी, गोपेंद्र जी आदि की भूमिका सराहनीय रही.

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